Balaghat News: बालाघाट में वीडियो मीटिंग के दौरान हंसी पड़ी भारी एएसआई पर गिरी गाज

Balaghat News: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान हुई अनुशासनहीनता ने पूरे महकमे को हिला कर रख दिया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा द्वारा आयोजित इस बैठक का उद्देश्य ‘सीएम हेल्पलाइन’ से जुड़ी लंबित शिकायतों की समीक्षा करना था, ताकि आम जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान हो सके। लेकिन इस गंभीर बैठक के दौरान एक सहायक उप निरीक्षक का व्यवहार ऐसा रहा, जिसने पूरे माहौल को बिगाड़ दिया। घटना के सामने आने के बाद विभाग में सख्ती बढ़ गई है और अधिकारियों को अनुशासन बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दिखी लापरवाही

जानकारी के अनुसार, इस बैठक में जिले के विभिन्न थानों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। जब एसपी आदित्य मिश्रा कोतवाली थाना प्रभारी से एक गंभीर शिकायत पर फीडबैक ले रहे थे, उसी दौरान वहां मौजूद एएसआई रामकिशोर रहांगडाले बार-बार हंसते हुए नजर आए। यह पूरा दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में आ गया। एक ओर जहां बैठक में जनता की समस्याओं के समाधान पर गंभीर चर्चा चल रही थी, वहीं इस तरह का व्यवहार पूरी तरह असंवेदनशील और गैर-पेशेवर माना गया।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई

एसपी आदित्य मिश्रा ने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लिया और एएसआई से उनके व्यवहार को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। लेकिन जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह का व्यवहार पुलिस सेवा की गरिमा के खिलाफ है और इससे विभाग की छवि भी प्रभावित होती है। इसी कारण एसपी ने बिना देर किए सख्त कदम उठाया और एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।

निलंबन के साथ कड़े निर्देश और संदेश

अनुशासनहीनता के इस मामले में एएसआई रामकिशोर रहांगडाले को निलंबित कर पुलिस लाइन बालाघाट से अटैच कर दिया गया है। साथ ही उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा। इस कार्रवाई को विभाग में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल कार्यप्रणाली में सुधार होगा बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।

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