Ujjain news: पूर्व सांसद और विधायक समेत छह लोगों को मिला आवास खाली करने का नोटिस

Ujjain news: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला विश्वविद्यालय के सरकारी आवासों पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। कार्य परिषद की बैठक में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया, जिसमें सामने आया कि कई आवासों पर लंबे समय से बाहरी और प्रभावशाली लोगों का कब्जा बना हुआ है। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर आवास खाली करने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व सांसद और विधायक सहित छह लोगों को नोटिस जारी

कार्रवाई के दौरान यह मामला और भी चर्चा में आ गया जब पता चला कि नोटिस पाने वालों में कुछ प्रभावशाली नाम भी शामिल हैं। इनमें पूर्व सांसद और वर्तमान विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय, एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर, रिटायर्ड एएसपी जयंत सिंह राठौड़ समेत कुल छह लोग शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी को निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया है।

वर्षों से कब्जे के कारण पात्र कर्मचारी परेशान

जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी आवास के लिए पात्र होने के बावजूद मकानों की कमी से जूझ रहे हैं। कई आवास वर्षों से खाली न होने के कारण नए पात्र लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। कार्य परिषद ने इस समस्या को गंभीर मानते हुए एक महीने के भीतर सभी अवैध कब्जे हटाने का निर्णय लिया है ताकि व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

लाखों का बकाया और प्रशासन की सख्त कार्रवाई

मामले में यह भी सामने आया है कि कई आवासों पर रहने वाले लोगों ने वर्षों से किराया नहीं चुकाया है, जिससे लाखों रुपये का बकाया जमा हो गया है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने कहा कि सभी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और एक महीने के भीतर आवास खाली कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन आवासों का आवंटन किन नियमों के तहत किया गया था।

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