Kuno National Park News: कूनो से चीतों का बड़ा विस्तार नौरादेही और गांधीसागर बने नए ठिकाने

Kuno National Park News: मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब दुनिया में चीतों के सबसे बड़े गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। यहां चीतों की बढ़ती संख्या के कारण उन्हें अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पहले ही गांधीसागर अभयारण्य को चीतों का दूसरा घर बनाया जा चुका है और अब सागर जिले का नौरादेही अभयारण्य भी इस योजना में शामिल हो गया है। यह कदम प्रोजेक्ट चीता को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

नौरादेही में बन रहे हाई सिक्योरिटी बाड़ों की तैयारी पूरी

नौरादेही अभयारण्य के मुहली, सिंगपुर और झापन रेंज में लगभग 440 हेक्टेयर क्षेत्र में आठ विशेष बाड़े बनाए जा रहे हैं। इन बाड़ों को चीतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक बनाया गया है। यहां 8 से 10 फीट ऊंची फेंसिंग की गई है जिसमें सोलर इलेक्ट्रिक फेंसिंग तकनीक का उपयोग किया गया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य अगले दो महीनों में पूरा हो जाएगा और इसके बाद जुलाई में चीतों की शिफ्टिंग की संभावना है।

कौन होंगे नौरादेही भेजे जाने वाले चीते

कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में कुल 54 चीते मौजूद हैं जिनमें भारतीय और विदेशी दोनों शामिल हैं। योजना के अनुसार नौरादेही में बोत्सवाना से लाए गए 4 चीते और 2 भारतीय चीते भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा मादा चीता आशा के दो शावकों को भी इस स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। ये सभी निर्णय विशेषज्ञों की निगरानी और उच्च स्तरीय मंजूरी के बाद अंतिम रूप लेंगे।

गांधीसागर और प्रोजेक्ट चीता का विस्तार

नौरादेही के साथ-साथ गांधीसागर अभयारण्य में भी चीतों की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। यहां जून में दो और चीते भेजे जाने का प्रस्ताव है। गांधीसागर में पहले से 64 वर्ग किलोमीटर का सुरक्षित बाड़ा तैयार किया गया है। प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार नौरादेही में काम अंतिम चरण में है और शिफ्टिंग की तारीख जल्द तय की जाएगी। यह पूरा प्रोजेक्ट भारत में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।

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