बरगी डैम क्रूज हादसा दिल दहला देने वाला मंजर मां ने बचाई बच्चे की जान

Bargi Dam Cruise दुर्घटना अपडेट अब जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक दर्दनाक मानवीय त्रासदी है शुक्रवार को आगरा से आई डाइविंग टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया तो उनकी आंखें भी नम हो गईं जब उन्होंने पानी की गहराइयों में क्या देखा। क्रूज के मलबे के बीच गहरे पानी में डूबे एक माँ का शव मिला जिसने अपने छोटे बच्चे को सीने से इतनी कठोरता से लगा रखा था कि मौत भी उनकी बंधन तोड़ नहीं पाई।

रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान क्रूज में एक महिला का शव निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में पता चला कि मां ने मरते दम तक अपने बच्चे को अपनी बाहों में रखा था जैसे कि वह उसे सुरक्षा के लिए रखा था। वह मां लगभग बारह घंटे तक अपने लाल को पानी की गहराइयों में समाई रही। ड्राइविंग टीम ने बताया कि क्रूज के भीतर कोई देखने वाला नहीं था और लोहे की रॉड और टूटे स्ट्रक्चर के बीच इस मां-बेटे को निकालना सबसे भावुक क्षण था।

आगरा से पहुंचने वाली पैरामिलिट्री डाइविंग टीम के लिए यह ऑपरेशन एक परीक्षण से कम नहीं है। टीम का एक सदस्य बताया कि क्रूज का ढांचा पूरी तरह से धंस गया है। ग्रिल और लोहे की चादरों की वजह से रास्ता इतना संकरा है कि एक गोताखोर बीच में फंस गया। टीम को अंदर फंसे शवों तक पहुंचने के लिए मलबे को हथौड़े (हैमर) चलाकर तोड़ना पड़ रहा है। डाइवर्स को क्षतिग्रस्त क्रूज के नुकीले हिस्से खतरा हो सकते हैं।

हादसे में बच निकली दिल्ली की संगीता कोरी ने सुरक्षा प्रणालियों को हिला दिया। उसने बताया कि तूफान शाम छह बजे आया था और क्रूज पर किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। वास्तव में उनमें से किसी को भी जैकेट नहीं दी गई थी। जब पानी भरने लगा स्टोर रूम का ताला तोड़कर जैकेट बाँटे गए लेकिन क्रूज तब तक पलट चुका था। संगीता का दावा है कि चालक ने स्थानीय लोगों की चेतावनियों को नहीं सुना।

शुक्रवार शाम तक नौ शव बरामद किए जा चुके हैं और छह लोग अभी भी लापता हैं। सेना और NDRF की टीमें गैस कटर और हाइड्रोलिक मशीनों से क्रूज को काटकर रास्ता बना रही हैं। ऑपरेशन की निगरानी प्रदेश के मंत्री राकेश सिंह और धर्मेंद्र लोधी कर रहे हैं।

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