MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। गृह विभाग द्वारा जारी सूची में एडीजी, डीआईजी, एसपी और डीसीपी स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। लंबे समय से लंबित इस फेरबदल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना के बीच विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया। इस कदम को राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
विवादित जिलों के पुलिस अधीक्षक हटाए गए
तबादला सूची में उन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदला गया है जहां हाल के दिनों में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। सिंगरौली में बैंक डकैती की घटना के बाद एसपी मनीष खत्री को हटाकर एआईजी पीएचक्यू भेजा गया है। वहीं सिवनी में हवाला मामले के बाद एसपी सुनील मेहता को हटाकर डीसीपी इंदौर बनाया गया है। इन बदलावों को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
19 जिलों के एसपी बदले गए, कई रेंज में भी बदलाव
इस बड़े फेरबदल में कुल 19 जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए हैं जिनमें भिंड, रीवा, सागर, धार, मुरैना, छतरपुर, मंदसौर और सिवनी जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। इसके अलावा कई अधिकारियों को प्रमोशन के बाद नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। भिंड के एसपी असित यादव को ग्वालियर रेंज का डीआईजी बनाया गया है, जबकि भोपाल के डीसीपी विवेक सिंह को शहडोल रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है। इससे पुलिस प्रशासन की संरचना में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां, सिस्टम में बड़ा बदलाव
तबादले में केवल जिला स्तर ही नहीं बल्कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पदों में भी बदलाव किया गया है। विशेष डीजी अनिल कुमार को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है, जबकि मोहम्मद शाहिद अबसार को एडीजी चयन एवं भर्ती की जिम्मेदारी दी गई है। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में भी कई डीआईजी और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बदले गए हैं। यह फेरबदल राज्य पुलिस व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


