‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से भारत लौट आए। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके हाथ में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी की प्रति देखी गई, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी। उनकी यह वापसी ऐसे समय पर हुई है जब संगठन राजधानी दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है। एयरपोर्ट से निकलते ही उनके समर्थकों में उत्साह देखा गया और सुरक्षा एजेंसियों ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी।
जंतर-मंतर पर CJP का बड़ा प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री पर निशाना
सीजेपी ने शनिवार सुबह 10 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। CJP का दावा है कि उसे इस प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मिल चुकी है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं और संगठन से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है और इसे लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
NEET और CBSE विवाद से घिरी शिक्षा व्यवस्था
इस पूरे विवाद की जड़ में NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर उठ रहे सवाल हैं। आरोप है कि कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन में तकनीकी और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आई हैं। इन मुद्दों ने छात्रों और अभिभावकों में गहरा असंतोष पैदा किया है। विपक्षी और सामाजिक संगठन लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि CJP का यह प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है।
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, 40 कंपनियां तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है। मध्य दिल्ली, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रमुख रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सूत्रों के अनुसार, लगभग 40 अर्धसैनिक कंपनियों को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है। वाहनों की जांच भी सख्ती से की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज
अभिजीत दीपके की वापसी और CJP के प्रदर्शन ने राजधानी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। संगठन का दावा है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। आने वाले कुछ घंटों में जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन न सिर्फ दिल्ली बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बनने वाला है।


