बांग्लादेश से युवतियों को देह व्यापार के लिए लाने वाले सागर के घर पर चला बुलडोजर

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sagar jain bangladesh
file photo

बांग्लादेश से अवैध तरीके से युवतियों को देह व्यापार के लिए देश में लाने वाला सागर जैन उर्फ सैंडो का घर नगर निगम द्वारा जमींदोज कर दिया गया है। शनिवार सुबह पुलिस का अमला और नगर निगम की टीम लसूड़िया थाना क्षेत्र के गुलाब बाग स्थित सागर जैन के मकान पर पहुंची और निर्माण पर बुलडोजर चला दिया।

सागर जैन की गिरफ्तारी के बाद ही इस ड्रग्स कनेक्शन के माफियाओं के नाम परत-दर-परत खुलते जा रही है। पुलिस लगातार इसमें कई बड़े आरोपियों को पकड़ चुकी है। इसकी साथी ड्रग्स आंटी उर्फ प्रीति जैन के किराए के बंगले में अनैतिक व्यवसाय चला रही थी। किराए की प्रॉपर्टी होने के कारण से पुलिस उसके बंगले को तोड़ने में कामयाब नहीं हुई, लेकिन शनिवार को सागर जैन की संपत्ति को तोड़ा गया।

रशियन लड़कियों के बाद बांग्लादेश का किया था रुख

जानकारी के अनुसार सागर इस धंधे में पिछले 7-8 साल से लिप्त है। वह पहले लड़कियों की सप्लाई करता था, जिसके एवज में उसे कमीशन मिलता था। इंदौर में रशियन लड़कियों की मांग ज्यादा होने से शुरुआत में उसका फोकस रशियन लड़कियों पर ही रहता था। साथ ही, उनके द्वारा ज्यादा रुपए मांगने पर उसे कम पैसे ही मिलते थे। ऐसे में उसने अन्य एजेंटों के जरिए बांग्लादेश से लड़कियों को लाने का काम शुरू किया।

इस दौरान ही उसका अन्य व्यक्ति से संपर्क हुआ, जो ड्रग्स के कारोबार में लिप्त था। यहीं से सागर भी ड्रग्स के कारोबार में उतर गया। सागर सबसे महंगे एमडी और एलएसडी ड्रग्स ही सप्लाई करता था। पता चला है कि पुलिस जब भी सागर को पकड़ने उसके घर गई, परिवार वालों ने सपोर्ट नहीं किया। यहां तक कि उसकी मां ने तो पुलिस को चैलेंज कर दिया था कि वह सागर को पकड़कर बताए।

तार के नीचे से बॉर्डर पार करवाकर लाते थे इंडिया

बांग्लादेश की युवतियों के अपहरण और मानव तस्करी कांड में चौंकाने वाला खुलासा किया था। विजयनगर पुलिस को एक युवती ने 11 साल पहले हुई आप बीती बताई थी। युवती ने पुलिस को बताया कि 2009 में 15 साल की थी। मां के गुजर जाने के बाद पढ़ाई का तनाव था। फीस नहीं भरने पर एक पेड़ के नीचे बैठकर रो रही थी, तभी एक युवती और युवक आए। बोले भारत काफी अच्छा है। वहां पढ़ाई भी होगी और पैसे भी अच्छे मिलेंगे। वह झांसे में आ गई। फिर इंडिया बॉर्डर तक पहुंचे। वहां तार के नीचे से निकाला। रातभर पैदल चलना पड़ा। सुबह मुर्शिदाबाद पहुंचे। वहां एक आदमी ने अपने घर में पनाह दी। यहां से युवक-युवती चले गए।

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