उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने नीट पेपर लीक और सीबीएसई से जुड़े विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जिन मामलों में मंत्री की कोई भूमिका नहीं है, वहां इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता। उनके अनुसार सरकार ने दोषियों के खिलाफ पहले ही सख्त कार्रवाई की है और सिस्टम को सुधारने का काम लगातार जारी है। यह बयान कानपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान सामने आया।
विपक्ष पर तीखा हमला और आंकड़ों का हवाला
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्ष पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले देश में बड़ी संख्या में पेपर लीक की घटनाएं होती थीं लेकिन अब स्थिति काफी बेहतर हुई है। उनके अनुसार पहले जहां लगभग 100 मामलों की बात होती थी वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 10 रह गई है जिससे 90 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह मुद्दों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा है और सरकार की उपलब्धियों को नजरअंदाज कर रहा है।
‘कॉकरोच पार्टी’ बयान से बढ़ा सियासी विवाद
अपने बयान में योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्षी दलों को लेकर कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष कमजोर हो चुका है और एक ऐसी पार्टी के पीछे खड़ा है जिसकी कोई ठोस नीति या आधार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए उसे “कॉकरोच पार्टी” तक कह दिया और विपक्ष की राजनीति को भ्रम फैलाने वाली बताया। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार दोषियों को बचाने के बजाय उन्हें सजा देने के सिद्धांत पर काम कर रही है।
मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं
योगेंद्र उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 12वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने जीएसटी, नोटबंदी, आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर निर्माण और केदारनाथ–बद्रीनाथ विकास जैसे कार्यों को बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए प्रतिबद्ध है और देश किसी भी आर्थिक चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।


