MP में उपचुनाव चलते हिंदू कार्ड खेल रही कांगेस

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भोपाल। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने से आमजन में उत्साह और खुशी का माहौल है। मंदिर आंदोलन से मध्य प्रदेश के भाजपाई भी गहराई से जुड़े रहे हैं। जाहिर है कि विधानसभा की 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा इसका लाभ उठाएगी। यही वजह है कि कांग्रेस भी हिंदू कार्ड खेल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से लेकर दिग्विजय सिंह तक मंदिर निर्माण का स्वागत कर रहे हैं। भाजपा पर तंज भी कस रहे हैं। पर, भाजपा ने कांग्रेस के इस रवैए को पाखंड करार दिया है। ट्विटर पर आम जन ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। अब तक अल्पसंख्यक राजनीति की नाव पर सवार रही कांग्रेस के इस रख से लोग अचरज में हैं। 

दरअसल, मध्य प्रदेश में सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रही कांग्रेस को यह लगने लगा है कि आस्था से जुड़े इस मसले पर आमजन की भावनाओं के विपरीत जाने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दूसरी तरफ भाजपा ने विभिन्न माध्यमों के जरिये मंदिर निर्माण की शुरुआत को उत्सव से जोड़ दिया है। यही वजह है कि कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की भाषाबदल पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमल नाथ ने तीन दिन पहले ट्वीट किया ‘मैं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का स्वागत करता हूं। देशवासियों को इसकी बहुत दिनों से अपेक्षा और आकांक्षा थी।’ इसके बाद कमल नाथ ने एक और ट्वीट किया ‘जतन में राम, वतन में राम, रामराज लाए बिना, हमें कहां विश्राम।’ 

इसके साथ ही कमल नाथ ने सोमवार को एलान किया ‘मैं आप सभी की उन्नति और खुशहाली के लिए मंगलवार को 11 बजे हनुमान चालीसा पाठ करूंगा।’ इसके बाद तो कमल नाथ पर सवालों की बौछार हो गई। ट्विटर पर उनके रवैए को लेकर सवाल उठाए जाने लगे। उनसे यह भी पूछा गया कि महाकाल मंदिर से लाउड स्पीकर क्यों हटवाए थे? 

प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय ने गुस्सा जाहिर किया ‘कांग्रेस पाखंडियों की पार्टी है। कुछ दिन पहले तक यह भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा रही थी। यूपीए की सरकार ने तो हलफनामा दाखिल किया था कि राम के अस्तित्व का कोई प्रमाण नहीं है। अब ये लोग पाखंड क्यों कर रहे हैं।’ सिर्फ कमल नाथ ही नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी मंदिर निर्माण का स्वागत किया लेकिन उन्होंने तो प्रधानमंत्री द्वारा किए जा रहे शिलान्यास के मुहूर्त पर ही सवाल उठा दिया। कांग्रेस के रख को देखते हुए लग रहा है कि आगे भी धर्म-कर्म से जुड़े आयोजनों को महत्व देगी। इस बीच मिर्ची बाबा, कंप्यूटर बाबा सरीखे संतों ने भी कांग्रेस के लिए उपचुनाव वाले क्षेत्रों में अभियान शुरू कर दिया है  

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