Kisan Bill : राज्यसभा में मोदी सरकार का किसान बिल हुआ पास 

Author Picture
By Sharma Published On: September 20, 2020
what-is-farmer's-bill-kisan-bill
राज्यसभा में मोदी सरकार का किसान बिल (Kisan Bill) हुआ पास। संसद के मॉनूसन सत्र का आज सातवां दिन. सरकार ने कृषि संबंधित विधेयकों को राज्यसभा में पेश किया. उच्च सदन में बिल पर चर्चा के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जवाब दिया. नरेंद्र सिंह तोमर के जवाब देने के दौरान विपक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. सांसदों ने हंगामा उसभापति के फैसले पर किया. दरअसल, सदन की कार्यवाही 1 बजे पूरी होनी थी. उपसभापति ने कार्यवाही को विधेयक के पारित होने तक बढ़ाने का फैसला लिया. विपक्ष के सांसदों ने इसपर हंगामा शुरू कर दिया. सांसदों ने रूल बुक फाड़ दी और माइक को भी तोड़ दिया.

राज्यसभा  में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच रविवार को कृषि क्षेत्र से जुड़े दो विधेयक संसद में पास हो गए हैं. राज्यसभा में कृषि विधेयक ध्वनि मत  से पास हो गया. इस दौरान, विपक्षी पार्टी के सांसदों ने ‘तानाशाही बंद करो’ के नारे भी लगाए. विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते एक बार 10 मिनट के लिए राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा. विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उप सभापति के आसन के पास पहुंचकर रूल बुक फाड़ दिया और आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही नियमों के खिलाफ हुई है.

हंगामा करते हुए विपक्षी सदस्य सदन की वेल में पहुंच गए और उप-सभापति का माइक छीनने की कोशिश की. विपक्षी पार्टी के सांसदों की मांग थी कि आगे की चर्चा के लिए विधेयकों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए. सरकार ने जोर दिया कि ये बिल ऐतिहासिक हैं और किसानों के जीवन में बदलाव लाएंगे. कृषि क्षेत्र के विधेयकों को पिछले हफ्ते लोकसभा में पास करा लिया गया था.

किसान बिल के मुद्दे पर बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने सीधे-सीधे सरकार को चेतावनी दी. पार्टी सांसद नरेश गुजराल ने बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि बिल को पहले सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाय, ताकि उसके हितधारकों का पक्ष जाना जा सके. गुजराल ने सरकार को चेतावनी दी कि किसानों को कमजोर समझने की भूल सरकार न करे.

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सरकार पर संसदीय लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया. बीजेपी सांसद रूप गांगुली ने इस पर पटलवार करते हुए कहा कि इन दोनों बिलों में किसानों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं है. आप इन बिलों को पढ़िए आप पाएंगे कि इसमें कुछ भी किसान विरोधी नहीं है. लोकतंत्र की हत्या तो पश्चिम बंगाल में हो रही है जहां हर रोज 2 लोग मारे जाते हैं… इस कानूनों के जरिए देश में दलाल राज खत्म हो जाएगा.