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मेरे शरीर के अंगों को दान कर देना, जीते जी किसी का काम नहीं आया तो मर के आऊं 

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ग्वालियर। शहर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के गोवर्धन कॉलोनी में रहने वाले एक महाविद्यालयीन छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। छात्र ने अपनेेे जीवन को असफल बताते हुए परिजनों से माफी मांगी है। साथ ही उसने कहा है, कि मेरी अंतिम इच्छा के रूप में शरीर के अंगों को दान कर देना और जो भी मेरे शरीर के अंग ले उससे यह शर्त जरूर रखना, कि वह 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करे और मेरी अस्थियों को भी गंगा जी की जगह केदारनाथ में विसर्जित करना। मृतक छात्र के 2 पेज के सुसाइड नोट की सच्चाई जानने में पुलिस जुटी हुई है।

जानकारी के मुताबिक अजय चौहान नामक यह युवक बीकॉम में अध्ययनरत था और गोला का मंदिर स्थित गोवर्धन कॉलोनी में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसने अपने पत्र में मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया है। परिजनों ने जब उसके कमरे का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की तो वह नहीं खुला। जब अंदर जाकर देखा गया तो वह पंखे से फांसी पर झूल रहा था। वही टेबल पर दो पेज का एक पत्र मिला है जिसमें उसने अपने मम्मी पापा से माफ कर देने को कहा है। वही अपनी किसी सारिका बहन से मां का ख्याल रखने की भी मार्मिक अपील की है।

फिलहाल पत्र के माध्यम से यह पता चलता है, कि अजय असफलता के दौर से गुजर रहा था। अब उसे यह सफलता के रूप में मिल रही थी इसके बारे में खुलासा नहीं हो सका है। गोला का मंदिर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं उसने यह भी लिखा है कि जिंदगी में काम नहीं आ सका लेकिन मरने के बाद वह दोनों के काम आना चाहता है। इसीलिए उसने अंगदान की बात कही है और इसे अपनी अंतिम इच्छा बताया है।

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