सूत्र, लखीमपुर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत गेहूं का मूल्य 2026-27 में 2585 रुपये प्रति क्विंटल था, जो पिछले वर्ष से 160 रुपये अधिक था। जिले में अब तक 5944 कृषक पंजीकृत हुए हैं। केंद्र प्रभारियों को प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षित कर पंजीकरण बढ़ाएं।
जिले में किसानों की सुविधा के लिए जिलाधिकारी ने 134 गेहूं क्रय केंद्रों को मंजूरी दी है। इनमें लखीमपुर सदर, गोला, पलिया, मितौली, निघासन और धौरहरा में कई तहसीलवार केंद्र हैं। वहीं पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस और भारतीय खाद्य निगम के केंद्र एजेंसीवार हैं।
गेहूं का स्थानीय बाजार में मूल्य फिलहाल एमएसपी से कम है। गेहूं पूरी तरह सूखा नहीं होने के कारण सोमवार को 2200 रुपये प्रति क्विंटल की बिक्री हुई, थोक व्यापारी ओम अग्रवाल ने बताया। उनका अनुमान था कि 8 से 10 अप्रैल के बीच बड़ी मात्रा में गेहूं की आवक शुरू होगी, जिससे बाजार में अधिक गतिविधि होगी।
किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल या यूपी किसान मित्र मोबाइल ऐप पर पंजीकृत होना चाहिए। पहले से पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी; इसके बजाय, वे अपने विवरण को संशोधित कर लॉक करेंगे। यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो किसान जिला नियंत्रण कक्ष या संबंधित तहसील के विपणन अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
एमएसपी योजना के तहत 17 मार्च से जिले में गेहूं खरीदना प्रस्तावित है, लेकिन गेहूं बाजार में गीला आ रहा है। प्रशासन ने किसानों से कहा है कि वे सरकारी केंद्रों पर अधिक से अधिक गेहूं बेचें, ताकि उन्हें 48 घंटे के भीतर आधार लिंक्ड बैंक खाते में भुगतान मिल सके।


