सरकारी मेडिकल कॉलेज ने HIV, हेपेटाइटिस B और C के लिए शुरू की एसिड टेस्टिंग सुविधा

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जम्मू कश्मीर। श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग (NAT) सुविधा शुरू की गई। डॉ. शाज़िया NTA इंचार्ज ने बताया, “यह सुविधा खतरनाक वायरस HIV, हेपेटाइटिस B और C का पता लगाने में मदद करेगी। टेस्ट रिजल्ट आने में पहले जो देरी होती थी वो अवधि भी अब कम हुई है।”

जानिए क्या है HIV/AIDS की स्टेजेस – 

स्टेज – 1 (HIV/AIDS Stage – 1)

1. एचआईवी वायरस का पहला लक्षण 2 से 6 हफ्तों के बीच में दिखाई देने लगता है. इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम बिगड़ने लगता है. इस अवस्था को एक्यूट रेट्रोवायरल सिंड्रोम (Acute Retroviral Syndrome) या प्राइमरी एचआईवी इन्फेक्शन (Primary HIV Infection) कहते हैं.

2. प्राइमरी एचआईवी इन्फेक्शन में वायरल फ्लू की ही तरह लक्षण जैसे सिर दर्द, डायरिया, उलटी, थकान, गले का सूखना, मसल्स में दर्द, सूजन, छाती पर लाल रैशेज़ और बुखार. यानी HIV के शुरुआती लक्षण फ्लू की ही तरह 1 से 2 हफ्ते रहते हैं.

3. अगर आपने किसी HIV पॉज़िटिव शख्स के साथ अनप्रोटेक्टिड सेक्स किया हो और उसके बाद इस तरह के वायरल फ्लू जैसे लक्षण हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. क्योंकि कई बार डॉक्टर स्टेज वन में ही एंटी-एचआईवी ड्रग्स देकर आपको इस वायरस से बचा सकते हैं. इस ड्रग को PEP भी कहा जाता है.

स्टेज – 2 (HIV/AIDS Stage – 2)

1. अगर आपको एंटी-एचआईवी ड्रग्स देकर इस वायरस को खत्म किए जाने के बाद भी डॉक्टर जांच और दवाइयों पर जारी रख सकते हैं. वहीं, कई केसेस में ज्यादातर लोगों में फ्लू वायरल जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते और ना ही उन्हें कोई बीमारी महसूस होती है. ऐसे में एचआईवी पॉज़िटिव शख्स को मालूम नहीं होता कि उससे ये इन्फेक्शन किसी और को भी हो सकता है. इस तरह की सिचुएशन लगभग 10 या उससे ज्यादा सालों के लिए हो सकती है.

2. जब फ्लू जैसे लक्षण ना हो और शख्स को मालूम ना हो कि उसे HIV वायरस ने घेरा हुआ है, तो ऐसी अवस्था में हर वक्त थकान, गले के आस-पास सूजन, 10 दिनों से ज्यादा बुखार, रात में पसीना आना, बेवजह वजन घटना, स्किन पर बैंगनी रंग के दाग, जल्दी-जल्दी सांसे आना, लंबे समय से डायरिया, मुंह, गले या महिलाओं के गुप्तांग में यीस्ट इंन्फेक्शन और जरा सी चोट पर ज्यादा खून बहना जैसे लक्षण सामने आते हैं.

3. दूसरी स्टेज के दौरान (जिसने एंटी-एचआईवी दवाइयां ना ली हों) शरीर से CD4-T सेल्स और इम्यून सिस्टम दिन-ब-दिन खराब होता चला जाता है. इस अवस्था में हर दिन कोई नई तकलीफ सामने आती रहती है. क्योंकि इम्यून सिस्टम बीमारियों से लड़ने की क्षमता खो देता है.

4. इस स्टेज के दौरान डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवाइयों और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर HIV इन्फेक्शन को फैलने से रोका जा सकता है.

स्टेज – 3 (HIV/AIDS Stage – 3)

1. HIV वायरस के एडवांस और आखिरी स्टेज को AIDS (Acquired Immune Deficiency Syndrome) कहते हैं.  ये तब होता है जब आपके शरीर के CD4-T सेल्स के नम्बर 200 से भी कम हो जाते हैं. हेल्दी इम्यून सिस्टम वाले शख्स में CD4-T सेल्स की संख्या 500 से 1,600 के बीच में होती है.

2. एड्स डिफानिंग इलनेस (AIDS defining illness) वाले शख्स को AIDS से बचाया जा सकता है. एड्स डिफानिंग इलनेस में कापोसी सारकोमा (Kaposi’s Sarcoma) और निमोनिया (Pneumonia) जैसी बीमारियां शामिल हैं.

3. डॉक्टर से मुताबिक अगर HIV वायरस बहुत ज्यादा फैला हुआ है तो AIDS से पीड़ित शख्स अगर दवाइयां नहीं लेता तो वो सिर्फ 3 साल तक ही जीवित रह पाता है. लेकिन सही ट्रीटमेंट और हेल्दी लाइफस्टाइल लंबी लाइफ दे सकती है.

HIV/AIDS के लक्षण –

किसी भी अन्य बीमारी की तरह एचआईवी एड्स के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो उसकी शुरूआत के संकेत देते हैं।​​​​​​​ अत:यदि किसी व्यक्ति को ये 5 लक्षण नज़र आते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और अपने स्वास्थ की अच्छी तरह से जांच करानी चाहिए-

  1. बुखार होना- यह एचआईवी एड्स का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति को बार-बार बुखार होता है।

    आमतौर पर, बुखार को सामान्य समस्या समझकर उसे नज़रअदाज़ कर दिया जाता है, लेकिन, कई बार बुखार का लंबे समय तक रहना किसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है।

  2. सिरदर्द होना- एचआईवी एड्स का अन्य लक्षण सिरदर्द होना भी है। कई बार इसे तनाव या थकान के परिणाम के रूप में देखा जाता है और इसके लिए सिरदर्द की गोली या फिर आराम करने जैसे उपायोंं को अपनाया जाता है।

    लेकिन, जब सिरदर्द में आराम किसी भी तरीके से नहीं मिलता है तो व्यक्ति को डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह माइग्रेन या एचआईवी एड्स जैसी गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है।

  3. त्वचा पर चकत्ते का होना- एचआईवी एड्स का असर त्वचा पर भी पड़ता है और इसकी वजह से त्वचा के रंग में बदलाव होने के साथ-साथ उस पर दब्बे या चकत्ते इत्यादि समस्याएं भी होती हैं।

    यदि कोई व्यक्ति ऐसी किसी समस्या से पीड़ित है, तो उसकी तुरंत उसकी जांच करानी चाहिए ताकि इसे समय तक काबू में किया जा सके और इसके साथ में एचआईवी एड्स की संभावना को भी किया जा सके।

  4. गले में खराश होना- अक्सर, ऐसा देखा गया है कि एचआईवी एड्स से पीड़ित लोगों को इसकी शरूआत में गले की खराश की शिकायत रहती है।

    अत: यदि किसी शख्स के गले में अचानक से खराश होने लगी है और उसमें किसी उपाय से  आराम नहीं मिल रहा है तो उसे इसकी जांच अच्छी तरह से करानी चाहिए।

  5. पेट में दर्द होना– एचआईवी एड्स का अन्य लक्षण पेट में दर्द होना भी है। हो सकता है कि अधिकांश लोगों को इस पर विश्वास न हो। लेकिन, एचआईवी एड्स के ऐसे बहुत सारे मामले देखने को मिले हैं, जिसकी शुरूआत पेट के  दर्द से हुई थी।

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