20 लोग जल गए थे जिंदा,ड्राइवर और मालिक को दस साल की सजा

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By Sharma Published On: December 31, 2021

पन्ना। पन्ना के चर्चित बस हादसे में न्यायालय ने बस चालक और बस मालिक को दोषी मानते हुए दस साल की सजा सुनाई है। बता दें कि इस भयंकर हादसे में 20 लोग जिंदा जल गए थे। ड्राइवर की लापरवाही से बस पलट गई थी, और बस में आग लग गई थी।

 

 

सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कपिल व्यास ने बताया कि घटना 4 मई 2015 दोपहर 2.30 बजे की है। अभियोजन के अनुसार फरियादी ग्राम सिंहपुर थाना अजयगढ़ के रहने वाले रामेश्वर अहिरवार ने सूचना दी थी कि वे अपने भाइयों के साथ 4 मई को दिल्ली से खजुराहो मजदूरी कर लौटा था। बमीठा से पन्ना जाने के लिए अनूप बस सर्विस (एम.पी.19 पी 0533) में सभी बैठे थे। बस जैसे ही मंडला के आगे पहुंची, चालक मोहम्मद समसुद्दीन बस को तेज रफ्तार लापरवाहीपूर्वक चलाने लगा। उसने एवं साथ बैठी सवारियों ने बस धीरे चलाने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। पांडव फाल के पास, छोटी पुलिया छतरपुर-पन्ना आमरोड एन.एच.75 पर बस पलट गई। बस पलटने से बस में आग लग गई। आग से झुलस जाने से उसके शरीर में चोटें आ गईं तथा बस में करीबन 20 व्यक्ति जल गए।

 

घटना के तुरंत बाद वन विभाग के कर्मचारी पांडव फाल से मौके पर आ गए थे। लोगों को निकालने की कोशिश की, और आग ज्यादा होने के कारण वे कुछ नहीं कर सके। जांच के बाद अभियुक्त ड्राइवर मोहम्मद समसुद्दीन को धारा 279, 337. 304ए 338. 304 (भाग-दो). 34. 287 भा.द.वि एवं धारा 182, 183, 184 एवं धारा 191 मोटरयान अधिनियम के अपराध में तथा अभियुक्त बस मालिक ज्ञानेन्द्र पांडेय को धारा 279, 337, 304ए. 338. 304 (भाग-दो) 34. 287 भा.द.वि. एवं धारा 182 183, 184 एवं धारा 191 मोटरयान अधिनियम में गिरफ्तार किया गया। प्रकरण की सुनवाई माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश, पन्ना आर.पी.सोनकर के न्यायालय में हुई। समस्त साक्ष्यों और सुनवाई के बाद कोर्ट ने ड्राइवर मोहम्मद समसुद्दीन और बस मालिक ज्ञानेन्द्र पांडेय को दोषी करार दिया।