MP में सरकारी नौकरी के नियमों में बड़ा बदलाव, टू-चाइल्ड पॉलिसी हटाने के निर्देश; CM मोहन यादव का फैसला

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By Input Published On: June 12, 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो से अधिक बच्चों वाले अभ्यर्थियों और सरकारी कर्मचारियों पर लागू प्रतिबंध को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में तैयार ड्राफ्ट को तत्काल वापस लेने और नया प्रारूप जारी करने को कहा गया है।

दरअसल, वर्ष 2001 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों में संशोधन करते हुए यह प्रावधान लागू किया था कि 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए भी दो से अधिक बच्चे होना आचरण नियमों के तहत कदाचार की श्रेणी में रखा गया था।

हाल ही में सामान्य प्रशासन विभाग ने नियमों का एक संशोधित ड्राफ्ट जारी किया था, जिसमें यह प्रावधान यथावत रखा गया था। मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए इस ड्राफ्ट को निरस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दो से अधिक जीवित संतान के आधार पर सरकारी सेवा में अपात्रता का प्रावधान हटाकर नया प्रारूप प्रकाशित किया जाए।

सरकार के इस फैसले के बाद दो से अधिक बच्चों वाले अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरी पाने का रास्ता आसान हो जाएगा। वहीं ऐसे सरकारी कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी, जिन पर इस नियम के तहत कार्रवाई की आशंका बनी रहती थी।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा समय-समय पर जनसंख्या संतुलन और परिवार विस्तार को लेकर दिए गए बयानों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से पहले राजस्थान और छत्तीसगढ़ भी इस तरह की पाबंदी समाप्त कर चुके हैं। राजस्थान में वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने यह नियम हटाया था, जबकि छत्तीसगढ़ में 2017 में रमन सिंह सरकार ने इस प्रावधान को समाप्त कर दिया था।

मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने इसे सकारात्मक कदम बताया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार को बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने पर ध्यान देना चाहिए और ऐसे मुद्दों के बजाय नौकरी सृजन को प्राथमिकता देनी चाहिए।