MP में फिर कोयला संकट, मंडरा सकता है बिजली संकट

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By Sharma Published On: February 20, 2022

जबलपुर। जबलपुर में मप्र पावर जनरेशन कंपनी के ताप गृह में कोयले की काफी किल्लत बनी हुई। पिछले दिनों संजय गांधी ताप गृह की 210 मेगावाट इकाई को सिर्फ इसी वजह से बंद किया गया था क्योंकि कम कोयला स्टाक में बचा हुआ था। इधर लगभग सभी ताप गृहों में कोयले की कमी है। उत्पादन पूरी क्षमता से हुआ तो हफ्तेभर के लिए भी कोयला नहीं है। हालांकि कंपनी प्रबंधन का कहना है कि धीरे-धीरे कोयला इकाईयों में पहुंच रहा है। ये जरूर है कि कोयला कम आ रहा है। कंपनी सूत्रों की माने तो कोल कंपनियों का बकाया अधिक होने के कारण भी कोल की सप्लाई पर असर आया है।

मप्र पावर जनरेशन कंपनी की कुल क्षमता 5400 मेगावाट बिजली पैदा करने की है लेकिन अभी 3541 मेगावाट ही बिजली पैदा हो रही है। इसमें कई इकाईयां बंद है। इसकी एक वजह कोयले की कमी भी है। बता दे कि प्रबंधन ने इकाईयों को आने वाले दिनों में बिजली की मांग अधिक होने पर चालू करने के लिए कोयला बचाया हुआ है।

मप्र पावर जनरेशन कंपनी क्षमता से कम बिजली का उत्पादन कर रहा है। संजय गांधी ताप गृह में इकाईयां बंद है। इसके अलावा सिंगाजी में बिजली क्षमता से आधी पैदा हो रही है।अमरकंटक में 210 मेगावाट की एक इकाई से 213 मेगावाट बिजली बन रही है। वहीं सारणी ताप गृह में 1330 मेगावाट की क्षमता में 500 मेगावाट बिजली बन रही है। इसी तरह संजय गांधी ताप गृह बिरसिंहपुर में 1340 मेगावाट की क्षमता है लेकिन 845 मेगावाट ही बिजली बन रही है। श्री सिंगाजी ताप गृह की कुल क्षमता 2720 मेगावाट है जिसकी तुलना में 1783 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है।

संजय गांधी ताप गृह 1.10 लाख टन 18-20 हजार टन प्रतिदिन पूरी क्षमता से चलने पर

अमरकंटक ताप गृह 28 हजार टन 3.5 हजार टन प्रतिदिन खपत

सतपुड़ा सारणी ताप गृह 59 मीट्रिक टन 7 हजार टन प्रतिदिन खपत

श्रीसिंगाजी ताप गृह 1.20 लाख टन 35 हजार टन प्रतिदिन खपत

नोट- 20 फरवरी की दोपहर 12 बजे की स्थिति