MP कर्मचारी चयन मंडल फर्जीवाड़े रोकने के लिए अपनाएगा नई तकनीक

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By Desk Input Published On: December 13, 2024

भोपाल। पटवारी भर्ती और शिक्षक भर्ती जैसी परीक्षाओं के विवादों के बाद, मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) आगामी परीक्षाओं में एक नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब ऑनलाइन परीक्षाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) माड्यूल का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

इस तकनीक से आवेदन पत्रों की जांच, परीक्षा के दौरान चेहरे का मिलान, और उत्तर देने में लगे समय का विश्लेषण किया जाएगा ताकि किसी भी तरह के फर्जीवाड़े की संभावना को खत्म किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, एआई माड्यूल चार प्रकार के डाटा का विश्लेषण करके फर्जीवाड़े का पता लगाएगा।

फेस रिकॉग्निशन तकनीक
पहले चरण में, आवेदन पत्रों की स्कैनिंग की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी विशेष शहर में केंद्र के लिए अधिक आवेदन तो नहीं आए हैं। दूसरे चरण में, माड्यूल परीक्षा के दौरान चेहरे की पहचान (फेस रिकॉग्निशन) तकनीक का इस्तेमाल करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अभ्यर्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा में बैठा हुआ नहीं है।

सवालों को हल करने का समय भी होगा जांच का हिस्सा
तीसरे चरण में, परीक्षार्थियों द्वारा हल किए गए सवालों का विश्लेषण किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि किसी प्रश्न को हल करने में अभ्यर्थी को कितना समय लगा। यदि समय सामान्य या असामान्य रूप से समान होता है, तो इसे संदिग्ध माना जाएगा।

तीन एजेंसियां मिलकर कराएंगी परीक्षा
परीक्षा की प्रक्रिया को अब तीन अलग-अलग एजेंसियां संचालित करेंगी। एक एजेंसी ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करेगी, दूसरी एजेंसी प्रश्नपत्र तैयार करेगी और तीसरी एजेंसी एआई माड्यूल का कार्य संभालेगी। इससे पहले, केवल दो एजेंसियों को परीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया जाता था।

संदिग्ध मामलों में रेड अलर्ट
एआई तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा के दौरान ही फर्जीवाड़े की पहचान की जाएगी। सॉफ्टवेयर परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी के प्रश्न हल करने की गति और समय पर नजर रखेगा। यदि किसी परीक्षार्थी द्वारा बहुत कम समय में सवाल हल किए जाते हैं या किसी परीक्षा केंद्र पर असामान्य संख्या में एक जैसा विकल्प चुने जाते हैं, तो सिस्टम रेड अलर्ट भेजेगा।

पाँच मिनट पहले प्रश्न पत्र तैयार होगा
नई व्यवस्था में, परीक्षा से पांच मिनट पहले प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। एक एजेंसी 1000 प्रश्नों का बैंक बनाएगी, और एक विशिष्ट सॉफ़्टवेयर के माध्यम से परीक्षा लेने वाली एजेंसी उसी बैंक से पांच मिनट पहले प्रश्न पत्र तैयार करेगी।

कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी
ईएसबी के लिए दो नई एजेंसियों का चयन किया जा रहा है। इनमें से एक एजेंसी हाईटेक सीसीटीवी सर्विलांस कंट्रोल रूम तैयार करेगी, जिससे परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की जा सकेगी। यह निगरानी परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले और समाप्ति के एक घंटे बाद तक होगी।

निगरानी का तरीका
जितने परीक्षा केंद्र होंगे, उतने ही लोग कंट्रोल रूम से उनकी निगरानी करेंगे। बायोमैट्रिक सत्यापन और उपस्थिति का काम अब परीक्षा एजेंसी के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसी भी करेगी। ये एजेंसियां परीक्षा केंद्रों पर भौतिक और साइबर सुरक्षा, सर्वर, नेटवर्क सिक्योरिटी, और गोपनीयता सुनिश्चित करेंगी।