PM मोदी ने जिलाधिकारियों के साथ किया संवाद,दिए ये निर्देश

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By Sharma Published On: January 22, 2022

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद जारी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलों में सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रगति और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही सरकारी योजनाओं को लागू करने के दौरान आ रही चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जब दूसरों के सपनों को पूरा करना अपनी सफलता का पैमाना बन जाए, तो फिर वो कर्तव्य पथ इतिहास रचता है। आज हम देश के आकांक्षी जिलों में यही इतिहास बनते हुए देख रहे हैं। आज आकांक्षी ज़िले देश के आगे बढ़ने के अवरोध को समाप्त कर रहे हैं। आप सबके प्रयासों से आकांक्षी जिले आज गतिरोधक के बजाय गतिवर्धक बन रहे हैं। जो जिले पहले कभी तेज प्रगति करने वाले माने जाते थे,आज कई पैमानों में ये आकांक्षी ज़िले भी अच्छा काम करके दिखा रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 4 सालों में देश के लगभग हर आकांक्षी जिले में जन-धन खातों में 4 से 5 गुना की वृद्धि हुई है। लगभग हर परिवार को शौचालय मिला है, हर गांव तक बिजली पहुंची है और बिजली सिर्फ गरीब के घर में नहीं पहुंची है बल्कि लोगों के जीवन में ऊर्जा का संचार हुआ है।

इससे पहले इस संवाद कार्यक्रम को लेकर पीएमओ की ओर से जानकारी दी गई थी कि बातचीत से प्रदर्शन की समीक्षा करने और चुनौतियों का पता लगाने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य सभी हितधारकों के साथ अभिसरण में जिलों में विभिन्न विभागों द्वारा मिशन मोड में विभिन्न योजनाओं की संतृप्ति प्राप्त करना है। पीएमओ ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने देश भर में विकास और विकास में असमानता को दूर करने के लिए लगातार कई कदम उठाए हैं।

इस बीच इस कार्यक्षमता के कारण पीएम मोदी की लोकप्रियता भी बढ़ी है। मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, पीएम मोदी 71 प्रतिशत की अनुमोदन रेटिंग के साथ सबसे लोकप्रिय वैश्विक नेता के रूप में सूची में सबसे ऊपर हैं। पीएम मोदी ने सर्वे में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ और अन्य प्रमुख वैश्विक नेताओं को भी पीछे छोड़ दिया है।