India vs Afghanistan Test: DRS नहीं लेने से अफगानिस्तान को नुकसान

दो गेंद, दो गलत फैसले और छिन गए अहम विकेट, अफगानिस्तान के हाथ लगी मायूसी

टेस्ट क्रिकेट धैर्य, रणनीति और सही फैसलों का खेल माना जाता है। कई बार एक छोटी सी गलती पूरे मैच का रुख बदल देती है। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब लगातार दो गेंदों पर मिले विकेट के मौके अफगानिस्तान के हाथ से फिसल गए। वजह बनी अंपायरिंग की गलतियां और कप्तान का रिव्यू न लेने का फैसला।

नई गेंद के साथ आया बड़ा मौका

मुल्लांपुर में खेले जा रहे इस मुकाबले के दूसरे दिन अफगानिस्तान ने नई गेंद लेने का फैसला किया। इसका असर तुरंत दिखाई भी दिया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल उस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और अपना शतक पूरा कर चुके थे। 89वें ओवर में उनके खिलाफ जोरदार एलबीडब्ल्यू अपील हुई, लेकिन अंपायर ने उन्हें नॉट आउट करार दिया।

DRS नहीं लेने का फैसला पड़ा भारी

अफगानिस्तान के खिलाड़ी कुछ देर तक चर्चा करते रहे, लेकिन कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने रिव्यू नहीं लिया। बाद में रिप्ले में साफ दिखा कि गेंद सीधे स्टंप्स पर जा रही थी। अगर रिव्यू लिया जाता तो गिल का विकेट मिल सकता था। उस समय गिल 108 रन पर खेल रहे थे और बाद में उन्होंने अपने स्कोर में और रन जोड़े।

अगली ही गेंद पर फिर दोहराई गई कहानी

अभी टीम इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि अगली गेंद पर ऋषभ पंत के खिलाफ कैच की अपील हुई। अंपायर ने इसे भी नॉट आउट दिया। शुरुआती नजर में लगा कि गेंद बल्ले की बजाय पैड से लगी है। लेकिन बाद में स्नीकोमीटर और रिप्ले ने दिखाया कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गई थी। एक बार फिर रिव्यू नहीं लिया गया और अफगानिस्तान एक और विकेट से चूक गया।

मैच पर पड़ा सीधा असर

इन दोनों फैसलों का असर स्कोरबोर्ड पर साफ दिखाई दिया। शुभमन गिल ने आगे बढ़कर 126 रन बनाए, जबकि ऋषभ पंत ने भी महत्वपूर्ण 81 रन जोड़े। अगर दोनों विकेट समय पर मिल जाते तो भारत की पारी का स्वरूप अलग हो सकता था और अफगानिस्तान को मैच में बेहतर स्थिति मिल सकती थी।

पहली बार नहीं हुई ऐसी गलती

दिलचस्प बात यह है कि इस मैच में यह तीसरी बार हुआ जब अंपायर के फैसले और रिव्यू रणनीति ने अफगानिस्तान को नुकसान पहुंचाया। पहले दिन भी केएल राहुल के खिलाफ कैच की अपील पर रिव्यू नहीं लिया गया था। बाद में रिप्ले में वह आउट नजर आए और उन्होंने शतक जड़ दिया।

टेस्ट क्रिकेट में तकनीक का सही इस्तेमाल उतना ही महत्वपूर्ण है जितना अच्छी गेंदबाजी या बल्लेबाजी। भारत-अफगानिस्तान टेस्ट ने एक बार फिर दिखाया कि DRS केवल विकल्प नहीं बल्कि मैच बदलने वाला हथियार भी है। अफगानिस्तान के लिए यह मुकाबला शायद लंबे समय तक उन चूके हुए मौकों की याद दिलाता रहेगा।

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