LAC पर हालात नाज़ुक,संसद में बहस ठीक नहीं – सरकार  

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lac-condition-critical,-debate-in-parliament LAC पर हालत नाज़ुक,संसद में बहस ठीक नहीं -  सरकार 
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LAC: सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिलाया है कि चीन से जुड़े हर मामले में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाएगी और उनके हर संदेह को दूर किया जाएगा। सरकार ने विपक्ष से यह भी कहा है कि एलएसी पर हालात अभी संवेदनशील हैं और पल-पल बदलते रहते हैं। ऐसे में संसद में सभी चीजों पर सार्वजनिक रूप से बहस करना उचित नहीं होगा। संसद के मॉनसून सत्र के आगे के अजेंडे के बारे में सहमति बनाने के लिए दलीय बैठक हुई। 

 
इसी मीटिंग में सरकार ने विपक्ष को चीन के मुद्दे पर आश्वस्त किया। हालांकि सूत्रों के अनुसार यह सर्वदलीय बैठक सिर्फ चीन के मुद्दे को लेकर नहीं थी लेकिन इसमें चीन से जुड़े मसले भी उठाए गए। विपक्ष इस पर पूरी बहस की मांग कर रहा है लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं से कहा कि वह गुरुवार को राज्यसभा में चीन के मसले पर सरकार की ओर से पूरा ब्योरा देंगे। रक्षा मंत्री मंगलवार को लोकसभा में बयान दे चुके हैं। ऑल पार्टी मीटिंग में कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी सहित चंद विपक्षी नेताओं को ही बुलाया गया था जिसे लेकर विवाद भी हो गया। लेफ्ट ने इस अहम मीटिंग से खुद को अलग रखने पर आपत्ति जताई। 
 
इससे पहले एलएएसी (LAC) पर भारत-चीन सेनाओं के बीच हिंसक झड़क के बाद भी पीएम के नेतृत्व में 19 जून को सर्वदलीय मीटिंग बुलाई गई थी। उसी सर्वदलीय मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि न कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है। उन्होंने कहा था कि हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए

 
गृह मंत्रालय ने बताया , 6 महीनों में चीन की तरफ से कोई घुसपैठ नहीं 
 
गृह मंत्रालय की तरफ से राज्यसभा को बताया गया कि पिछले छह महीनों के दौरान भारत चीन सीमा पर किसी घुसपैठ की रिपोर्ट नहीं है। यह जानकारी भी दी गई कि इस साल अब तक पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में आतंकी 28 बार घुसपैठ कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने घुसपैठ की कोशिश 47 बार की थी। गृह राज्य मंत्री ने बताया कि मार्च में 4 बार, अप्रैल में 24, मई में 8 और जुलाई में 11 बार पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की कोशिश हुई। मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि मई में चीनी सैनिकों ने एलएसी पर तीन जगह घुसपैठ की कोशिश की। आर्मी के एक ऑफिसर ने बताया कि एलएसी पर कई इलाकों को जिन्हें हम अपना मानते हैं, चीन भी उन पर दावा जताता है। यहां भारत-पाक सीमा जैसी स्थिति नहीं है इसलिए चीन ने पिछले छह महीनों में जो किया, उसे घुसपैठ नहीं कह सकते। इसे चीन की घुसपैठ की कोशिश कहा जा रहा है।
 
LAC पर 3 फायरिंग,9 सितंबर को 100 से ज्यादा राउंड की फायरिंग 
 
एलएसी पर भारत-चीन तनाव के बीच अब तक कुल तीन बार फायरिंग की घटनाएं हुई हैं। फायरिंग दोनों तरफ से हवा में हुईं। सबसे ज्यादा 100 राउंड फायर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत से ठीक पहले 9 सितंबर को हुए। इससे पहले 29-30 अगस्त की रात जब चीन ने पैंगोंग के दक्षिण किनारे पर भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की तब फायरिंग हुई। इसके अलावा 7 सितंबर को भी भारत और चीन के सैनिकों की ओर से हवा में फायरिंग की गई।
 
चीनी जासूसी की जांच के लिए बनीं कमिटी
 
चीन की एक कंपनी द्वारा भारत के अहम लोगों से जुड़े डेटा एकत्र करने की खबर पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमिटी बनाई है। कमिटी 30 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। बुधवार को सरकार ने चीन के राजदूत के सामने भी अपनी आपत्ति भी जाहिर की। भारत ने चीन से कहा कि इस तरह की गैरकानूनी हरकत को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीन ने बताया कि जिस कंपनी पर आरोप लग रहा है, वह निजी कंपनी है और उसका चीनी सरकार या प्रशासन से कोई जुड़ाव नहीं है।
 
UN में गरजा भारत
 
पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ करार देते हुए भारत ने कहा कि ऐसे देश से मानवाधिकारों पर व्याख्यान सुनने की जरूरत नहीं है जो हिंदुओं, सिखों पर जुल्म कर रहा है। भारत ने मानवाधिकार परिषद में कहा कि गलत और मनगढंत चीजें पेश करके भारत की छवि खराब करना पाकिस्तान की आदत रही है। ऐसे देश से कोई मानवाधिकारों की बात सुनने को तैयार नहीं है जिसका पीएम कश्मीर में लड़ने के लिए आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने की बात गर्व से स्वीकार करता है।

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