डॉ एसएन सुब्बा राव का निधन,चंबल में इतने डकैताें का कराया था सरेंडर

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By Sharma Published On: October 27, 2021

मुरैना । प्रख्यात गांधीवादी नेता और चंबल की धरती को डकैतों के आतंक से मुक्ति दिलाने वाले डॉ एसएन सुब्बा राव का निधन हो गया है। श्री राव ने बुधवार काे तड़के 4:00 बजे जयपुर के अस्पताल में अंतिम सांस ली है। शाम 4 बजे उनकी पार्थिव देह मुरैना पहुंचेगी, जहां अंतिम दर्शनों के लिए उनकी पार्थिव देह को रखा जाएगा। उसके बाद जौरा स्थित गांधी सेवा आश्रम में ले जाया जाएगा जहां गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि डा एसएन सुब्बा राव चंबल में आतंक का पर्याय बन चुके डाकुओं का सामूहिक सरेंडर करवाने के बाद चर्चाओं में आए थे।

 

ग्वालियर चंबल संभाल में डा सुब्बा राव साथियाें के बीच भाईजी के नाम से प्रसिद्ध थे। डा सुब्बा राव ने जाैरा में गांधी सेवा आश्रम की नींव रखी थी जो अब श्योपुर तक गरीब व जरूरतमंदों से लेकर कुपोषित बच्चों के लिए काम कर रहा है। डा सुब्बा राव ने श्याेपुर के त्रिवेणी संगम घाट पर गांधी जी की तेरहवी का आयाेजन शुरू करवाया था। आदिवासियाें काे मूल विकास की धारा में लाने के लिए वह अपनी टीम के साथ लगातार काम करते रहे हैं।

बात दे डा एसएन सुब्बा राव का पूरा जीवन समाजसेवा काे समर्पित रहा है। डा सुब्बा राव ने 14 अप्रैल 1972 काे गांधी सेवा आश्रम जाैरा में 654 डकैताें का समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण एवं उनकी पत्नी प्रभादेवी के सामने सामूहित आत्मसमर्पण कराया था। इनमें से 450 डकैताें ने जाैरा के आश्रम में जबकि 100 डकैताें ने राजस्थान के धाैलपुर में गांधीजी की तस्वीर के सामने हथियार डालकर समर्पण किया था।