MP News: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले. गेहूं खरीदी से लेकर शिक्षा और योजनाओं पर करोड़ों की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सरकार ने विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए बड़े स्तर पर वित्तीय स्वीकृतियां दीं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 8 से 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सामाजिक जागरूकता और सम्मान से जुड़े आयोजन होंगे और मुख्य कार्यक्रम भिंड जिले में संपन्न होगा। इन आयोजनों के माध्यम से सरकार सामाजिक समरसता और संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।

किसानों के लिए राहत और गेहूं खरीदी का फैसला.

कैबिनेट ने किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए गेहूं खरीदी की तारीख को 10 अप्रैल से घटाकर 9 अप्रैल से शुरू करने की मंजूरी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि छोटे और सीमांत किसानों का गेहूं प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाएगा ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से 78 लाख टन गेहूं खरीदने की अनुमति मिल चुकी है और इस मात्रा को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है। प्रदेश में अब तक 19 लाख 4000 किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध करा दिए गए हैं जिससे किसानों को किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।

विकास कार्यों और योजनाओं के लिए बड़ी वित्तीय स्वीकृति.

मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 16,720 करोड़ रुपये की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसके तहत वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान यानी FTRI की स्थापना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं के लिए वर्ष 2030–2031 तक 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा चना और मसूर फसल के आगामी तीन वर्षों में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वन क्षेत्रों के पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना और संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

शिक्षा और सामाजिक योजनाओं को मिला बढ़ावा.

शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है जिससे सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता में सुधार होगा। आरटीई यानी शिक्षा के अधिकार के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए 693 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रगृह योजना के तहत प्रतिमाह 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत स्नातक और स्नातकोत्तर के नए तथा पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और कुल 1.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन सभी फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा और सामाजिक विकास को प्राथमिकता दे रही है और प्रदेश के युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।

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