MP News: ट्विशा केस में चौंकाने वाले खुलासे, अब CBI की नजर डिजिटल सबूतों पर

MP News: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की पांच दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद मुख्य आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश किया गया। मामले की गंभीरता और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को देखते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को 16 जून तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। यह सुनवाई जज शोभना भलावे की अदालत में हुई। इस फैसले के बाद मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर पहले से उठ रहे सवाल अब और गहरे हो गए हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।

क्राइम सीन रीक्रिएशन में सामने आए कई विरोधाभास

सीबीआई ने जांच के दौरान भोपाल स्थित बाग मुगलिया एक्सटेंशन के घर में क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इसके लिए ट्विशा की लंबाई और वजन के बराबर एक पुतले का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी ने पिछले कई दिनों में आरोपी सास और पति से दर्जनों सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। विशेष रूप से गले में बेल्ट के फंदे को कुछ ही सेकंड में हटाने के दावे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोटों के निशानों को लेकर सीबीआई ने सख्ती दिखाई। जब इन सवालों के स्पष्ट जवाब मांगे गए तो दोनों आरोपी संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। यही कारण है कि जांच एजेंसी अब इस मामले को और गहराई से खंगालने की तैयारी में जुटी हुई है।

खुद को निर्दोष बताते रहे आरोपी

पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने खुद को निर्दोष बताया। गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि वह ट्विशा और समर्थ के अंतरजातीय विवाह से खुश थीं और शादी के बाद उन्होंने ट्विशा की आर्थिक मदद भी की थी। उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा कुछ मानसिक समस्याओं से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। दूसरी ओर समर्थ सिंह ने घटना वाले दिन को सामान्य बताते हुए कहा कि दोनों ने साथ में समय बिताया था और बाद में अचानक परिस्थितियां बदल गईं। समर्थ का कहना है कि जब उसने ट्विशा को फंदे से लटका देखा तो उसने बचाने की पूरी कोशिश की और बाद में अस्पताल पहुंचाया। हालांकि सीबीआई इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ उनका मिलान कर रही है।

कई अनुत्तरित सवालों के बीच आगे बढ़ रही जांच

जांच एजेंसी के सामने अभी भी कई अहम सवाल हैं जिनके जवाब तलाशे जा रहे हैं। घटना के बाद समर्थ सिंह के कथित रूप से फरार होने की बात हो या फिर नजदीकी अस्पतालों के बजाय सीधे एम्स ले जाने का फैसला। इसके अलावा पोस्टमार्टम में सामने आए चोट के निशानों ने भी जांच को नई दिशा दी है। अदालत ने फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और अब वे 16 जून तक जेल में रहेंगे। इस दौरान सीबीआई फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण करेगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर तथ्य की पुष्टि करना चाहती है। पूरे प्रदेश की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई है और लोगों को अगली सुनवाई का इंतजार है।

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