इंदौर: वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन, बाल संरक्षण और जेल सुधार पर मंथन करेंगे सुप्रीम कोर्ट के जज

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By Partho Banarjee Published On: August 9, 2026

इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहेगा। 9 अगस्त को होने वाले इन सत्रों में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक न्याय की पहुंच को सुगम बनाना है, जो व्यवस्था के सामने सबसे अधिक संवेदनशील स्थिति में होते हैं।

बच्चों के लिए बाल-सुलभ न्याय व्यवस्था पर जोर

कॉन्फ्रेंस का पहला तकनीकी सत्र सुबह 10:30 बजे से 11:45 बजे तक ‘एवरी चाइल्ड मैटर्स: स्ट्रेंथनिंग चाइल्ड-फ्रेंडली जस्टिस, प्रोटेक्शन एंड रिहैबिलिटेशन’ विषय पर आधारित होगा। इस सत्र की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा करेंगे, जबकि जस्टिस संजीव सचदेवा सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। चर्चा का मुख्य केंद्र बच्चों के अधिकार, उनकी सुरक्षा और उन्हें हिंसा या शोषण से बचाकर मुख्यधारा में वापस लाने की प्रक्रिया होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि न्याय प्रणाली को बच्चों के लिए डरावना बनाने के बजाय भरोसेमंद और सहायक बनाने की आवश्यकता है।

बंदियों के पुनर्वास और सामाजिक एकीकरण की रणनीति

दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक आयोजित होने वाले दूसरे सत्र में ‘बियॉन्ड इनकार्सरेशन: रिहैबिलिटेशन, रीइंटीग्रेशन एंड एक्सेस टू जस्टिस फॉर प्रिजनर्स एंड देयर फैमिलीज’ विषय पर गहन मंथन होगा। इस सत्र की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ करेंगे। इसमें जेल से रिहा होने वाले बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उनके परिवारों की चुनौतियों को समझने और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने के अवसर प्रदान करने पर चर्चा की जाएगी। सत्र में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के विशेषज्ञ भी अपने विचार साझा करेंगे ताकि जेल सुधार की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।