खंडवा जिले के कई गांवों की महिलाओं ने अवैध कच्ची शराब की बिक्री के खिलाफ विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है। पंधाना, कालंका और टाकलखेड़ा सहित आसपास के गांवों की महिलाएं सिर पर कच्ची शराब के डिब्बे रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और प्रशासन से इसे तुरंत बंद करने की मांग की।
रक्षाबंधन पर कलेक्टर को दिया ‘शराब का तोहफा’
महिलाओं ने अपने विरोध को रक्षाबंधन से जोड़ते हुए कलेक्टर को ‘लाडला भाई’ संबोधित किया और उन्हें शराब के डिब्बे ‘तोहफे’ के रूप में सौंपे। उनका कहना था कि यह प्रतीकात्मक उपहार प्रशासन को गांवों में फैल रहे नशे के जाल की सच्चाई दिखाने के लिए दिया गया है, जिससे कई परिवार आर्थिक बर्बादी की कगार पर हैं।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
विरोध प्रदर्शन के बाद अपर कलेक्टर केआर बड़ोले ने महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम के जरिए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। महिलाओं ने एक समिति बनाकर गांवों में नशा मुक्ति अभियान भी शुरू किया है और वे अवैध शराब के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने पर अडिग हैं।