मध्य प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात के बाद, समूह ने प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का विशाल निवेश करने की घोषणा की है। इस निवेश से राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं और रोजगार के अवसर
यह निवेश थर्मल पावर, पवन ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज जैसी विभिन्न परियोजनाओं में किया जाएगा। इन परियोजनाओं से राज्य में 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने टोरेंट ग्रुप को राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया है।
प्रमुख परियोजनाएं और भविष्य की योजनाएं
निवेश योजना के तहत, अनूपपुर में 1600 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 22 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 7 हजार रोजगार मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, छिंदवाड़ा में 7500 करोड़ रुपये की लागत से 1500 मेगावाट का पातालकोट पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट और रतलाम-उज्जैन में 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। समूह राज्य में एक और 800 मेगावाट की थर्मल पावर परियोजना पर भी विचार कर रहा है।