उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में रक्षाबंधन का पर्व पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। परंपरा के अनुसार, भस्म आरती के दौरान पुजारी परिवार की महिलाओं ने भगवान महाकाल को दो फीट लंबी विशेष राखी अर्पित की, जिसे उन्होंने पूरे एक सप्ताह की मेहनत से तैयार किया था।
श्रद्धा का प्रतीक: विशेष राखी और सवा लाख लड्डू
रेशमी धागों, मोर पंख और आभूषणों से सुसज्जित इस भव्य राखी को तैयार करने वाली महिलाओं ने पूरे सावन माह व्रत रखा था। इसके साथ ही, बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया, जिसे प्रसाद के रूप में ग्रहण कर भक्तों ने अपना उपवास पूर्ण किया।
महाकाल के आंगन से पर्व की शुरुआत
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, देश में प्रमुख हिंदू त्योहारों की शुरुआत महाकाल के आंगन से ही होती है। इसी परंपरा को निभाते हुए भगवान को राखी बांधने के बाद ही नगर में रक्षाबंधन का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।