मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।
डेढ़ लाख शिक्षकों के भविष्य पर संकट
सिंघार का कहना है कि TET की अनिवार्यता से प्रदेश के करीब 1.50 लाख कार्यरत शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उनकी पदोन्नति और सेवा लाभों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने तमिलनाडु सरकार का उदाहरण देते हुए शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
विधानसभा सत्र की आवश्यकता
नेता प्रतिपक्ष ने तर्क दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के आलोक में यह विषय अत्यंत गंभीर है, जिस पर सदन में विस्तृत चर्चा अनिवार्य है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि शिक्षकों की चिंता को देखते हुए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाए ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।