देश में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (E20 फ्यूल) को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। संसद के मानसून सत्र में विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, जिसके जवाब में भाजपा नेता भी आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। इसी कड़ी में रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने इथेनॉल का विरोध करने वालों पर तीखा हमला बोला है।
आयात पर निर्भरता और वैश्विक संकट का तर्क
रीवा में एक कार्यक्रम के दौरान सांसद जनार्दन मिश्रा ने देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा नीति पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है और केवल 20 प्रतिशत का उत्पादन देश में होता है। सांसद ने कहा कि वैश्विक संकट के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने से तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है और जहाजों को 18 हजार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में इथेनॉल मिश्रण एक जरूरी कदम है।
ब्राजील का उदाहरण देकर विरोधियों को घेरा
सांसद मिश्रा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश के पास पर्याप्त शुद्ध पेट्रोल नहीं है, तो विरोध करने वाले इसे कहां से लाएंगे। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गाड़ियां 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चल रही हैं और कोई समस्या नहीं आती। उन्होंने दावा किया कि ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार इथेनॉल से इंजन को कोई नुकसान नहीं होता, फिर भी कुछ लोग बिना आधार के इसका विरोध कर रहे हैं।