रीवा के संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कुत्ते के काटने पर पहुंचे युवक को डॉक्टरों ने ‘स्नेक बाइट’ का इंजेक्शन लगा दिया। पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया कि उसने स्पष्ट जानकारी दी थी, लेकिन अस्पताल की कैजुअल्टी में हुई इस बड़ी चूक का पता उसे घर जाकर पर्चा देखने पर चला।
गलत इलाज पर परिजनों का हंगामा
आयुष सिंह नामक पीड़ित छात्र ने बताया कि उसने अस्पताल में कुत्ते के काटने की बात बताई थी, लेकिन डॉक्टर ने पर्चे पर स्नेक बाइट दर्ज कर गलत इंजेक्शन दे दिया। बाद में परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचकर उसने दोबारा सही उपचार करवाया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
यह घटना अस्पताल द्वारा एक जीवित मरीज को मृत घोषित करने के विवाद के ठीक बाद सामने आई है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने संजय गांधी अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल के पालन को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।