सोनिया को चिट्ठी लिखने वाले गुलाम नबी आजाद की महासचिव पद से छुट्टी

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By Sharma Published On: September 12, 2020
सोनिया गाँधी Sonia Gandhi

नई  दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए गुलाम नबी आजाद समेत चार वरिष्ठ नेताओं को महासचिव की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया और पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का भी पुनर्गठन किया। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, आजाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खड़गे को महासचिव पद से मुक्त किया गया है उल्लेखनीय है कि सोनिया गांधी को संगठनात्मक बदलाव के लिए पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल आजाद को महासचिव पद से हटाने के साथ ही सीडब्ल्यूसी में स्थान दिया गया है। पार्टी ने पत्र विवाद की पृष्भूमि में 24 अगस्त को हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में बनी सहमति के मुताबिक छह सदस्यीय एक विशेष समिति का गठन किया है।

यह समिति पार्टी के संगठन एवं कामकाज से जुड़े मामलों में सोनिया गांधी का सहयोग करेगी। इस विशेष समिति में एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं सुरजेवाला और तारिक अनवर को पार्टी ने महासचिव नियुक्त किया सोनिया गांधी ने पार्टी मामलों में अपनी मदद के लिए विशेष समिति गठित की जिसमें ए के एंटनी, अहमद पटेल और अंबिका सोनी शामिल हैं।

राज्य के प्रभारियों की बात करें तो मुकुल वासनिक को मध्य प्रदेश, हरीश रावत को पंजाब, ओमान चंडी को आंध्र प्रदेश, तारिक अनवर को केरल और लक्षद्वीप, प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला को कर्नाटक, जितेंद्र सिंह को असम, अजय माकन को राजस्थान और केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है।