प्रदेश में जहरीली शराब से 14 लोगों की मौत, शराब बेचने वाले ढाबों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

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By Sharma Published On: July 28, 2021

मंदसौर। मध्यप्रदेश में शराब की अवैध बिक्री जान पर भारी पड़ रही है। मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी थाना क्षेत्र के गांव खंखराई में जहरीली शराब पीने से 3 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद जहरीली शराब पीने से मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। और अभी कई गंभीर भी हैं। जहरीली शराब से मौतों के बाद जिला प्रशासन की भी नींद खुली है। जिसके बाद कलेक्टर मनोज पुष्प के आदेश पर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र में ने ढाबों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने चार ऐसे ढाबो को जेसीबी चलाकर जमीदोज किया है। जिन पर अवैध शराब बिकने की संभावना जताई गई थी। यह पूरी कार्रवाई एसडीएम की निगरानी में की गई थी और इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। वहीं प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है।

मंदसौर के अलावा इंदौर खरगोन और खंडवा में भी हुई मौत…

आपको बता दें, कि मंदसौर के अलावा प्रदेश के इंदौर, खरगोन और खंडवा में भी जहरीली शराब सेवन के बाद मौतें हुई हैं। तीनों जिलों को मिलाकर अब तक कुल 14 मौतें हो चुकी हैं। प्रदेश सरकार ने मंदसौर जहरीली शराब कांड मामले की जांच के लिए एसआईटी बना रही है। तो वही मंदसौर जिला आबकारी अधिकारी सीपी सांबले को भी हटा दिया गया है। साथ ही मामले में आबकारी उप निरीक्षक पिपलिया मंडी थाना प्रभारी और एक उपनिषद को भी निलंबित किया जा चुका है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस राजस्थान तक छापेमारी भी कर रही है।

जहरीली शराब ने चंबल अंचल में भी मचाया था कोहराम..

मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से हुई मोटो का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले चंबल अंचल के मुरैना, ग्वालियर, भिंड जिले में भी जहरीली शराब पीने से करीब 30 लोगों से ज्यादा की मौत हो गई थी और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। जिसके बाद आबकारी विभाग की कार्यशैली पर जमकर सवाल खड़े हुए थे। उस समय मुरैना जहरीली शराब कांड के मामले में भी प्रदेश सरकार ने एसआईटी जांच करवाई थी।