गुना के बजरंगगढ़ में गरजा बुलडोजर, अवैध कब्जों पर कार्रवाई

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By Desk Input Published On: December 28, 2024

गुना। जिले के बजरंगगढ़ क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। इस कार्रवाई में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की भूमि को अतिक्रमण से बचाया गया। बंसल न्यूज को इस पूरे मामले की एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है।

जनसुनवाई में शिकायतें
लगातार दो पक्षों के बीच सरकारी भूमि को लेकर विवाद और एक-दूसरे पर कब्जे की शिकायतें हो रही थीं। कलेक्टर सत्येंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए।

जांच में खुलासा
तहसीलदार कमल मंडेलिया द्वारा की गई जांच में पता चला कि दोनों पक्ष सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए थे। चंद्रप्रकाश, संदीप, संतोष, सुनील, सतीश और गौरव ने सर्वे क्रमांक 937 व 937/1264 पर 0.063 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया था। वहीं, दीपक, शरद, मोहन और आशा ने सर्वे क्रमांक 921 की 0.105 हेक्टेयर भूमि पर अवैध निर्माण कर रखा था।

न्यायालय का आदेश और अर्थदंड
न्यायालय ने 13 दिसंबर और 17 दिसंबर 2024 को आदेश पारित करते हुए कब्जाधारियों पर जुर्माना लगाया। चंद्रप्रकाश और उनके परिवार पर ₹50,000, जबकि शरद और अन्य पर ₹15,000 का जुर्माना ठोका गया। सरकारी जमीन खाली करने के निर्देश के बावजूद पालन न होने पर प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।

प्रशासन की कार्रवाई
शनिवार सुबह तहसीलदार कमल मंडेलिया और एसडीएम शिवानी पांडे के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। दो जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण हटाए गए। मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिससे किसी तरह का विरोध नहीं हुआ।

अधिकारियों का बयान
तहसीलदार कमल मंडेलिया ने कहा कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर हुई है। सरकारी जमीन को शासकीय उपयोग के लिए मुक्त कराया गया है। एसडीएम शिवानी पांडे ने कहा, ‘सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी शिकायतों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।’

बंसल न्यूज की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
प्रशासन ने सरकारी जमीन की घेराबंदी करने और इसे पुनः अतिक्रमण से बचाने की योजना बनाई है। अर्थदंड की वसूली प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। मौके पर मौजूद बंसल न्यूज की टीम ने पाया कि प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ी है। अतिक्रमण हटाने के बाद खाली हुई जमीन पर शासकीय उपयोग के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी।