Indore News: इंदौर-सूरत की जंग में कौन बनेगा स्वच्छता का सम्राट? 17 जुलाई को खुलेगा राज

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By Sharma Published On: July 10, 2025
Indore News: इंदौर-सूरत की जंग में कौन बनेगा स्वच्छता का सम्राट? 17 जुलाई को खुलेगा राज

Indore News: स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश की सबसे साफ़ सुथरी नगरपालिकाओं की रैंकिंग 17 जुलाई को घोषित की जाएगी। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेता शहरों को सम्मानित करेंगी। पिछले सात वर्षों से स्वच्छता में अव्वल रहा इंदौर इस बार भी अपनी दावेदारी मजबूत बनाए हुए है लेकिन सूरत से कड़ी टक्कर मिल रही है।

इस बार देरी से आया सर्वे, मुकाबला हुआ और कठिन

इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में कुछ देरी हुई जिसकी वजह से परिणाम भी जुलाई तक टल गए। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा। पिछली बार इंदौर और सूरत को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान मिला था लेकिन इस बार सूरत अकेले शीर्ष स्थान पाने के लिए तैयार है।

Indore News: इंदौर-सूरत की जंग में कौन बनेगा स्वच्छता का सम्राट? 17 जुलाई को खुलेगा राज

इंदौर की ताकत बनी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली

इंदौर की सबसे बड़ी उपलब्धि है उसका सशक्त डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम। शहर में कहीं भी कूड़ेदान नहीं दिखते क्योंकि पूरा कचरा सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाता है। हालाँकि इंदौर में सीएनजी प्लांट स्थापित किया गया था लेकिन वह ठीक से कार्य नहीं कर पा रहा है। इसके मुकाबले सूरत ने कचरे से कमाई के क्षेत्र में खुद को बेहतर साबित किया है।

स्वच्छता लीग में शामिल 12 शहर, होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

इंदौर और सूरत के अलावा स्वच्छता लीग में 12 शहरों को शामिल किया गया है जिनमें नोएडा, चंडीगढ़, तिरुपति, नई दिल्ली, अंबिकापुर, और नवी मुंबई प्रमुख हैं। ये शहर अपने-अपने तरीके से स्वच्छता को लेकर प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल सूरत ने 30 वार्डों को जनप्रतिनिधियों को सौंपकर स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत किया था।

28 बिंदुओं पर होगी रैंकिंग, जनसहभागिता भी अहम

केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने इस बार 28 बिंदुओं के आधार पर शहरों की स्वच्छता का आकलन किया है। इनमें कचरे का निपटान, पुनः उपयोग, नालों की सफाई, नदी संरक्षण और नागरिकों से प्राप्त फीडबैक जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। नागरिकों की भागीदारी और फीडबैक को भी इस बार विशेष महत्व दिया गया है।