Jabalpur Cruise Tragedy: मौत के बीच कूदा 22 साल का युवक बरगी हादसे में इंसानियत की मिसाल

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By Input Published On: May 3, 2026
Jabalpur Cruise Tragedy: मौत के बीच कूदा 22 साल का युवक बरगी हादसे में इंसानियत की मिसाल

Jabalpur Cruise Tragedy: जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने जहां कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया वहीं इस त्रासदी के बीच इंसानियत की एक अनोखी मिसाल भी सामने आई है। जब अचानक तेज हवाओं और ऊंची लहरों ने एक क्रूज को अपनी चपेट में ले लिया तो वहां मौजूद जल जीवन मिशन के मजदूरों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू कर दिया। इन मजदूरों में 22 वर्षीय शेख रमजान का नाम सबसे आगे है जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को डूबने से बचाया। यह घटना बताती है कि संकट के समय आम लोग भी असाधारण साहस दिखा सकते हैं।

शेख रमजान की बहादुरी ने बचाईं कई जानें

पश्चिम बंगाल का रहने वाला शेख रमजान जबलपुर में वेल्डर के रूप में काम करता है। हादसे के समय जब उसने लोगों की चीख पुकार सुनी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचा। वहां का दृश्य बेहद भयावह था क्योंकि क्रूज आधा डूब चुका था और लोग मदद के लिए पुकार रहे थे। रमजान ने बिना सोचे समझे ऊंचे टीले से उफनते पानी में छलांग लगा दी और एक के बाद एक सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसने बताया कि उसके लिए सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है और किसी की जान बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

मजदूरों की टीम ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

इस रेस्क्यू अभियान में रमजान अकेला नहीं था बल्कि उसके साथ कई अन्य मजदूरों ने भी मिलकर काम किया। सभी ने मिलकर करीब 17 से 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और कुछ शवों को भी बाहर लाने में मदद की। सतना के क्रेन ऑपरेटर भोला रैकवार ने सबसे पहले इस हादसे को देखा और तुरंत अपने साथियों को सूचना दी। इसके बाद बिहार बंगाल और उत्तर प्रदेश से आए मजदूरों की टीम ने रस्सी टायर और ट्यूब की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। परियोजना प्रबंधक आलोक तिवारी के नेतृत्व में इस टीम ने पूरी रात मेहनत कर रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया।

गुमनाम नायकों की बहादुरी ने जीता दिल

इस हादसे में जहां कई लोगों की जान चली गई वहीं मजदूरों की इस बहादुरी ने कई जिंदगियों को बचा लिया। हालांकि चार महिलाओं को बचाया नहीं जा सका और उनके शवों को बाहर निकालना पड़ा। आज सोशल मीडिया पर शेख रमजान और उनकी टीम की जमकर सराहना हो रही है। रमजान का कहना है कि उसे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि वह किसी के काम आ सका। यह घटना यह साबित करती है कि असली हीरो वही होते हैं जो मुश्किल समय में बिना किसी पहचान या स्वार्थ के दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं।