Jabalpur Gold Loan Scam: चोरी के गहनों से लाखों का खेल

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By Input Published On: June 7, 2026
Jabalpur Gold Loan Scam: चोरी के गहनों से लाखों का खेल

चोरी के गहने, गोल्ड लोन और करोड़ों के सवालों से घिरा नया घोटाला

घरों में चोरी की घटनाएं नई नहीं हैं। लेकिन जब चोरी के गहनों को आसानी से गोल्ड लोन के जरिए नकदी में बदला जाने लगे तो मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं रहता। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने न सिर्फ पुलिस बल्कि फाइनेंस कंपनियों की जांच व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईद मनाने गए परिवार के लौटते ही खुला राज

गोहलपुर थाना क्षेत्र के अमखेरा निवासी ऐहतेशाम अंसारी अपने परिवार के साथ ईद मनाने रिश्तेदारों के घर गए थे। जब वे वापस लौटे तो घर का मुख्य ताला और आलमारी का लॉकर टूटा हुआ मिला। घर में रखे सोने और चांदी के कीमती जेवर गायब थे। परिवार के लिए यह किसी बड़े सदमे से कम नहीं था। शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

मुखबिर की सूचना से मिला बड़ा सुराग

जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से अहम जानकारी मिली। इसके आधार पर इब्राहिम अंसारी और मोहम्मद इजहार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि चांदी के जेवर एक सुनसान इलाके में छिपा दिए गए थे जबकि सोने के जेवर आगे बेचने के लिए अपने साथी को सौंप दिए गए थे।

ऐसे चल रहा था गोल्ड लोन का पूरा खेल

पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ उसने सभी को चौंका दिया। आरोपियों ने चोरी के सोने के गहनों को सीधे बाजार में बेचने के बजाय एक प्रतिष्ठित गोल्ड लोन शाखा में गिरवी रख दिया। यासीन अंसारी ने स्वीकार किया कि उसे मालूम था कि जेवर चोरी के हैं। इसके बावजूद उसने उन्हें गिरवी रखकर लोन प्राप्त किया। जांच में यह भी सामने आया कि पहले भी कई बार इसी तरह चोरी के गहनों को गिरवी रखा गया था।

15 लाख के जेवर और नेटवर्क की पड़ताल

पुलिस ने गोल्ड लोन कंपनी से गिरवी रखे गए सोने के गहने बरामद कर लिए हैं। साथ ही छिपाकर रखे गए चांदी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। कुल बरामदगी की कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह मामला केवल चोरी का नहीं बल्कि सिस्टम की कमजोरियों का भी संकेत देता है। सवाल यह है कि क्या गोल्ड लोन कंपनियों के पास गिरवी रखे जा रहे गहनों की पर्याप्त जांच व्यवस्था है। यदि नहीं तो ऐसे अपराधी इस खामी का फायदा उठाकर चोरी के माल को आसानी से नकदी में बदल सकते हैं।

जबलपुर का यह गोल्ड लोन घोटाला बताता है कि अपराधी लगातार नए तरीके खोज रहे हैं। पुलिस ने भले ही इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया हो लेकिन यह घटना वित्तीय संस्थानों के लिए भी एक चेतावनी है। मजबूत सत्यापन और सतर्कता ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगा सकती है।