Madhya Pradesh क्या अब हर अदालत में दिखेगा संविधान निर्माता का चेहरा? जानिए मध्यप्रदेश का नया आदेश

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By Sharma Published On: July 12, 2025
Madhya Pradesh: क्या अब हर अदालत में दिखेगा संविधान निर्माता का चेहरा? जानिए मध्यप्रदेश का नया आदेश

Madhya Pradesh  की अदालतों में अब भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाएगी। यह निर्णय कानून और विधायी कार्य विभाग द्वारा लिया गया है। विभाग ने इस संबंध में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र भेजा है और तस्वीर लगाने की सिफारिश की है। इस फैसले को डॉ. अंबेडकर को सम्मान देने और उनके योगदान को याद करने की पहल माना जा रहा है।

OBC एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन की मांग बनी आधार

इस पूरे कदम की शुरुआत OBC एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन की पहल से हुई। संस्था ने हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मांग की थी कि कर्नाटक की तर्ज पर मध्यप्रदेश की सभी अदालतों में डॉ. अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाए। संस्था ने इसे संविधान और समानता के मूल्यों से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि यह सिर्फ सम्मान नहीं बल्कि संविधान के मूल स्तंभ को मान्यता देने जैसा होगा।

Madhya Pradesh: क्या अब हर अदालत में दिखेगा संविधान निर्माता का चेहरा? जानिए मध्यप्रदेश का नया आदेश

संस्था ने सौंपा ज्ञापन और किया आग्रह

एसोसिएशन के अध्यक्ष परमानंद साहू और वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश्वर सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और एक ज्ञापन के माध्यम से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और रजिस्ट्रार जनरल को इसे लेकर आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब न्याय की बात आती है तो समानता का अधिकार सर्वोच्च होता है और डॉ. अंबेडकर समानता के सबसे बड़े प्रतीक हैं। ऐसे में अदालतों में उनकी तस्वीर लगना न्यायिक व्यवस्था के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा।

कर्नाटक की मिसाल से मिली प्रेरणा

मध्यप्रदेश की इस पहल की प्रेरणा कर्नाटक से मिली है जहां पहले से ही अदालतों में डॉ. अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाती है। यह परंपरा अब मध्यप्रदेश में भी लागू की जाएगी। इस पहल को समाज के व्यापक तबके में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है और इसे सामाजिक समरसता और संविधान के प्रति निष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है। कई वकीलों और संगठनों ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

न्याय और समानता का प्रतीक बनेंगी तस्वीरें

इस फैसले से एक ओर जहां संविधान निर्माता को उचित सम्मान मिलेगा वहीं अदालतों में बैठने वाले लोगों के सामने भी यह याद रहेगा कि न्याय और समानता ही इस देश की नींव हैं। डॉ. अंबेडकर की तस्वीरें सिर्फ एक व्यक्ति की याद नहीं होंगी बल्कि एक विचार और मूल्य की पहचान बनेंगी जो हर अदालत के कोने में गूंजती रहेंगी।