मोहन के मंत्री ने अतिथि शिक्षकों को मेहमान बताया, कहा- मेहमान बनकर आओगे तो क्या घर पर कब्जा करोगे?

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By Sharma Published On: September 18, 2024

भोपाल: मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की मांगों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने एक विवादास्पद बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों को लेकर कहा, “नाम क्या है उनका अतिथि… आप मेहमान बनकर आओगे तो क्या घर पर कब्जा करोगे?” इस बयान ने राजनीतिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है और विपक्षी दलों द्वारा सरकार की नीतियों और रवैये पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

अतिथि शिक्षकों का आंदोलन

पिछले कुछ दिनों से अतिथि शिक्षक अपनी नौकरी की सुरक्षा और नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग यह है कि स्कूलों से किसी भी अतिथि शिक्षक को न हटाया जाए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार उनके हितों की रक्षा करेगी, लेकिन उनकी उपयोगिता को भी ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “जहां शिक्षक कम हैं, वहां उनकी सेवाएं ली जाती हैं, लेकिन यह अस्थायी है।”

मंत्री के बयान से बढ़ी राजनीति

मंत्री के बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी की संभावनाएं बढ़ गई हैं। विपक्षी दलों ने इस बयान को शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ बताया है। शिक्षक संघों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह उन शिक्षकों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है जो राज्य के शिक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पहले भी विवादित बयान

यह पहली बार नहीं है जब मंत्री उदय प्रताप सिंह विवादित बयान को लेकर चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी उन्होंने सिवनी के एक स्कूल की छत टपकने की घटना पर सवाल उठने पर कहा था कि “यह रील बनाने के चक्कर में किया गया है।” उनके इस बयान की भी आलोचना हुई थी, क्योंकि इस समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए इसे हल्के में लिया गया था।

इस तरह के बयानों के बाद मंत्री की आलोचना होना तय है, क्योंकि यह सरकार की जवाबदेही और अतिथि शिक्षकों की स्थिति के प्रति सरकार के रवैये को लेकर सवाल खड़े करता है