MP News: इंसानियत की जीत मुस्लिम पिता निभाएंगे हिंदू बेटी का कन्यादान रीति रिवाज से

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By Input Published On: April 4, 2026
MP News: इंसानियत की जीत मुस्लिम पिता निभाएंगे हिंदू बेटी का कन्यादान रीति रिवाज से

MP News: मध्यप्रदेश के Rajgarh जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो सामाजिक सौहार्द और इंसानियत की मिसाल पेश करती है। यहां एक मुस्लिम परिवार एक हिंदू बेटी का कन्यादान हिंदू रीति रिवाजों के साथ करने जा रहा है। यह घटना उस समय और भी खास बन जाती है जब समाज में अक्सर धर्म और मजहब को लेकर विभाजन की बातें सामने आती हैं। इस परिवार ने यह साबित कर दिया कि रिश्ते धर्म से नहीं बल्कि दिल से बनते हैं और मानवता सबसे बड़ा धर्म है।

शादी का कार्ड बना चर्चा का विषय

राजगढ़ में होने वाली इस शादी का कार्ड इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कार्ड नंदिनी परमार और अंश परमार की शादी का है लेकिन इसकी खास बात यह है कि इसमें निवेदक के रूप में मुस्लिम परिवार का नाम दर्ज है। यह वही परिवार है जिसने नंदिनी को अपनाया और वर्षों तक उसे अपनी बेटी की तरह पाला। कार्ड में दिए गए इस संदेश ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और यह सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया है।

अब्दुल्ला खान परिवार का योगदान और अपनापन

करीब 12 साल पहले नंदिनी ने अपने माता-पिता को एक सड़क हादसे और बीमारी में खो दिया था। इसके बाद Abdullah Khan के परिवार ने उसे न केवल अपनाया बल्कि अपनी बेटी की तरह परवरिश की। इस परिवार ने उसे कभी धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया और उसे अपनी परंपराओं के अनुसार जीने की पूरी स्वतंत्रता दी। नंदिनी को इस परिवार ने शिक्षा दिलाई और उसे ग्रेजुएट बनाया। यह दिखाता है कि सच्चे रिश्ते खून से नहीं बल्कि अपनापन और विश्वास से बनते हैं।

हिंदू रीति रिवाजों से होगा विवाह और सामाजिक संदेश

नंदिनी की शादी ग्वालियर निवासी अंश परमार से तय हुई है और यह विवाह पूरी तरह से हिंदू रीति रिवाजों के अनुसार संपन्न होगा। विवाह समारोह में पंडित मंत्रोच्चार करेंगे और सभी पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी। यह कार्यक्रम 4 अप्रैल को राजगढ़ में आयोजित होगा जहां शाम 7 बजे से समारोह की शुरुआत होगी। मुस्लिम परिवार इस शादी की तैयारियों में महीनों से जुटा हुआ है ताकि अपनी बेटी को एक यादगार विदाई दी जा सके। यह कहानी देश को यह संदेश देती है कि धर्म से ऊपर इंसानियत है और जब दिल बड़े होते हैं तो समाज में प्रेम और भाईचारा अपने आप बढ़ता है।