MP News: गैस संकट के बीच कलेक्टर की अनोखी अपील, शादी में रोटी और पराठे न बनाने की सलाह

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By Input Published On: March 16, 2026
MP News: गैस संकट के बीच कलेक्टर की अनोखी अपील, शादी में रोटी और पराठे न बनाने की सलाह

MP News: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में रसोई गैस की कमी के बीच जिला प्रशासन ने एक अनोखी पहल की है, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने लोगों से अपील की है कि शादी समारोहों में रोटी और पराठे बनाने से बचा जाए। उनका कहना है कि इन व्यंजनों को बनाने में सबसे ज्यादा गैस खर्च होती है, जिससे मौजूदा गैस संकट और गहरा सकता है। कलेक्टर ने लोगों से आग्रह किया है कि शादी और बड़े सामाजिक कार्यक्रमों के लिए ऐसे व्यंजन चुने जाएं जिन्हें बनाने में कम ईंधन की जरूरत हो। प्रशासन का मानना है कि अगर सामूहिक आयोजनों में गैस का सीमित उपयोग किया जाए तो जिले में गैस की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखा जा सकता है।

गैस की सीमित उपलब्धता ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

कलेक्टर जयति सिंह के अनुसार जिले में फिलहाल इंडेन गैस की उपलब्धता सीमित है और बड़े आयोजनों में बड़े पैमाने पर खाना बनने से गैस की खपत तेजी से बढ़ जाती है। खासतौर पर शादी समारोहों में हजारों लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, जिसमें सबसे ज्यादा समय और गैस रोटी और पराठे बनाने में लगती है। यही कारण है कि प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। कलेक्टर का कहना है कि अगर लोग जिम्मेदारी के साथ गैस का उपयोग करेंगे तो जिले में गैस की सप्लाई को बेहतर तरीके से बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अपील केवल अस्थायी स्थिति को देखते हुए की गई है ताकि आम लोगों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

वैकल्पिक व्यंजनों और तरीकों को अपनाने की सलाह

जिला प्रशासन ने शादी समारोहों के लिए कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनाने की भी सलाह दी है। कलेक्टर ने सुझाव दिया है कि ऐसे व्यंजन चुने जाएं जिन्हें बनाने में कम गैस लगे, जैसे चावल आधारित भोजन या अन्य पकवान जिन्हें जल्दी तैयार किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बड़े आयोजनों में खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हों या डीजल से चलने वाली भट्ठियों का उपयोग किया जा सकता है। इससे गैस सिलेंडरों पर निर्भरता कम होगी और आयोजन भी बिना किसी बाधा के पूरे किए जा सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के विकल्प अपनाने से ईंधन की खपत कम होगी और संकट के समय में संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।

ईंधन बचत से गैस संकट कम करने की कोशिश

जिला प्रशासन का मानना है कि अगर बड़े सामाजिक आयोजनों में ईंधन की खपत को सीमित किया जाए तो जिले में चल रही गैस की कमी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से लोगों से अपील की गई है कि वे शादी और अन्य कार्यक्रमों के मेन्यू को इस तरह तैयार करें जिसमें कम गैस खर्च हो। प्रशासन को उम्मीद है कि अगर समाज के लोग इस पहल में सहयोग करेंगे तो गैस की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल कलेक्टर की यह अपील सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है और लोग इस पर अलग अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।