MP News: BBA पास युवक बना नकली नोटों का मास्टरमाइंड! कब्रिस्तान के पास मिला नकली नोटों की सुरंग

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By Sharma Published On: June 21, 2025
MP News: BBA पास युवक बना नकली नोटों का मास्टरमाइंड! कब्रिस्तान के पास मिला नकली नोटों की सुरंग

MP News: मध्यप्रदेश के जबलपुर में नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ये गिरोह घर में ही नकली नोट छापता था और फिर उन्हें आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है और इनके पास से करीब 18 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इस गैंग का सरगना एक बीबीए पास युवक है।

16 जून को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक रवि दहिया कब्रिस्तान के पास नकली नोटों के साथ खड़ा है। पुलिस ने उसे मंडी मदर टेकरी कब्रिस्तान के पास से 2 लाख 94 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ धर दबोचा। पूछताछ में रवि ने एक बड़े गिरोह के बारे में बताया। इसके बाद 17 जून को पुलिस ने आदर्शताल क्षेत्र के यशवंत नगर में किराए के मकान से गिरोह के सरगना ऋतुराज विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। उसके घर से नोट छापने का पूरा सामान मिला।

MP News: BBA पास युवक बना नकली नोटों का मास्टरमाइंड! कब्रिस्तान के पास मिला नकली नोटों की सुरंग

बीबीए पास ऋतुराज चलाता था गिरोह

36 वर्षीय ऋतुराज विश्वकर्मा पिछले 8-9 महीने से नकली नोट छापने का काम कर रहा था। वह असली नोटों के बदले तीन गुना नकली नोट देता था। इस गिरोह में 20 वर्षीय धीरज मनवानी, 44 वर्षीय गौरव तिवारी, 55 वर्षीय संतोष श्रीवास्तव, 42 वर्षीय अजय नवेरिया और सत्यम पटेल शामिल थे। ऋतुराज ने संतोष और अजय को 12.5 लाख रुपये के नकली नोट देकर बदले में 4 लाख रुपये असली लिए थे। जांच में अजय के पास से 9 लाख और जमना प्रसाद पटेल के पास से 3 लाख के नकली नोट बरामद हुए हैं।

कलर प्रिंटर और लैपटॉप से चलता था कारोबार

ऋतुराज के घर से पुलिस को एक कलर प्रिंटर, लैपटॉप, स्पेशल पेपर, रंग और कटर मिला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह Paint ऐप और Wikipedia की मदद से नोटों की डिज़ाइन तैयार करता था और फिर कलर प्रिंटर से छापकर इन्हें जबलपुर, नरसिंहपुर और मंडला जैसे जिलों में सप्लाई करता था। उन्होंने नकली नोटों के लिए एक खास तरह का पेपर इस्तेमाल किया ताकि कोई शक न कर सके।

हनुमानताल सिटी एसपी सुनील नेमा ने बताया कि अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये गिरोह कब से नकली नोट छाप रहा था और कितनों को अब तक ये नोट सप्लाई कर चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से नकली नोट छापते थे ताकि नोट असली लगें और कोई पकड़ न पाए। पुलिस इस गिरोह के बाकी नेटवर्क का भी पता लगा रही है।