MP News: भोपाल में 23 मार्च को पेश होने वाला बजट, आम लोगों पर कर बढ़ोतरी का खतरा

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By Input Published On: March 18, 2026
MP News: भोपाल में 23 मार्च को पेश होने वाला बजट, आम लोगों पर कर बढ़ोतरी का खतरा

MP News: भोपाल के नागरिकों के लिए कर बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। नगर निगम 23 मार्च को अपने बजट 2026-27 को पेश करने जा रहा है, जिसमें पानी, सीवरेज और संपत्ति कर में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, योजना आयोग ने राजस्व बढ़ाने के लिए वार्षिक कर बढ़ोतरी की सिफारिश की है। इसके आधार पर नगर निगम का पानी कर और सीवरेज शुल्क बढ़ सकता है। मेयर-इन-काउंसिल ने पहले ही बजट की चर्चा और अनुदान आवंटन को मंजूरी दे दी है। अब अंतिम निर्णय नगर निगम की परिषद की बैठक में बहुमत मतदान के आधार पर लिया जाएगा।

10-15 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं कर, कुछ पार्षद विरोध में

निकट भविष्य में शहरवासियों पर कर का बोझ बढ़ने की संभावना है। नगर निगम 23 मार्च को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है। योजना आयोग की सिफारिशों के आधार पर, संपत्ति, पानी और सीवरेज कर में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि की योजना बनाई गई है। हालांकि, अधिकांश पार्षद और मेयर-इन-काउंसिल (MIC) के सदस्य इस प्रस्ताव के विरोध में हैं। नगर निगम का कहना है कि योजना आयोग ने प्रत्येक वर्ष बजट में कर बढ़ाने की सलाह दी है ताकि राजस्व में वृद्धि हो सके। पिछले साल ही संपत्ति कर में 10 प्रतिशत और पानी व सीवरेज कर में 15 प्रतिशत वृद्धि की गई थी।

महंगे से महंगे और सबसे कम कर वाले इलाके

संपत्ति कर का निर्धारण वार्षिक किराए के मूल्य के आधार पर किया जाता है। टैक्स जोन 1 से 7 के आंकड़ों के अनुसार, अरेरा कॉलोनी और एमपी नगर में संपत्ति कर सबसे अधिक है, जबकि बेरसिया के अरेरिया इलाके में यह सबसे कम है। इस बार संपत्ति कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वहीं, विकास निधियों को दोगुना कर दिया गया है। मेयर को वार्षिक 10 करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति होगी, निगम अध्यक्ष को 5 करोड़ रुपए, मेयर-इन-काउंसिल सदस्यों को 1 करोड़ रुपए, वार्ड योजना समितियों को 50 लाख और जोन चेयरपर्सन को 10 लाख रुपए खर्च करने की अनुमति रहेगी।

बजट में खर्च पर लगाई जाएगी रोक, विभागों को सीमित किया

इस बार नगर निगम ने बजट में खर्च पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी है। बजट को सरल बनाने और प्रशासनिक जटिलताओं से बचने के लिए बजट की श्रेणियों की संख्या घटा दी गई है। कई विभागों के खर्च को कम किया गया है और उनके लिए सीमा निर्धारित की गई है। पहले पब्लिक रिलेशन सेल के बजट पर कोई निर्धारित सीमा नहीं थी, लेकिन अब इसे समाप्त कर दिया गया है। इस कदम से शहर में खर्च की निगरानी मजबूत होगी और आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।