MP News: केंद्रीय सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में की ₹60 की अचानक बढ़ोतरी

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By Input Published On: March 7, 2026
MP News: केंद्रीय सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में की ₹60 की अचानक बढ़ोतरी

MP News: केंद्रीय सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में ₹60 की वृद्धि की है। इसके साथ ही 19 किलो वजनी कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹115 बढ़ाए गए हैं। यह नई कीमतें 7 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग हो गई हैं। भोपाल में अब एक घरेलू सिलेंडर ₹918, इंदौर में ₹941, ग्वालियर में ₹996, जबलपुर में ₹919 और उज्जैन में ₹972 हो गया है। राज्य में सबसे अधिक दाम नरमदापुरम में हैं, जहाँ एक घरेलू सिलेंडर अब ₹1,035 का हो गया है।

कीमतों में बदलाव का इतिहास

घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में आखिरी बार वृद्धि 8 अप्रैल 2025 को की गई थी। हालांकि, 8 मार्च 2024 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर केंद्रीय सरकार ने ₹100 की कटौती की थी। इसके बाद उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से दाम बढ़ाए गए हैं। वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम पहले ही 1 मार्च 2026 को ₹31 तक बढ़ाए जा चुके हैं। इस नए फैसले के बाद घरेलू उपभोक्ताओं को भी महंगाई का सामना करना पड़ेगा।

MP News: केंद्रीय सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में की ₹60 की अचानक बढ़ोतरी

गैस की बढ़ती कीमतों के कारण और प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और खाड़ी क्षेत्र में संभावित गैस संकट के बीच हुई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू दामों में भी असर पड़ा है। उपभोक्ताओं के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है क्योंकि महंगाई पहले ही बढ़ रही है। घरेलू रसोई गैस महंगी होने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर सीधे प्रभाव पड़ेगा।

उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए

गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि उपभोक्ताओं को सावधानी से गैस का इस्तेमाल करना चाहिए और अनावश्यक खर्चों से बचना चाहिए। इसके साथ ही सरकार की ओर से समय-समय पर मिलने वाली सब्सिडी और योजना की जानकारी लेना भी जरूरी है। घरेलू उपभोक्ताओं को घरेलू बजट में समायोजन करने की आवश्यकता है ताकि महंगाई के असर को कम किया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और ऊर्जा संकट के मद्देनजर यह स्थिति भविष्य में और जटिल हो सकती है।