MP News: स्वास्थ्य सेवाओं के दावे फेल, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना की घटनाओं ने मचाई हलचल

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By Input Published On: March 16, 2026
MP News: स्वास्थ्य सेवाओं के दावे फेल, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना की घटनाओं ने मचाई हलचल

MP News: मध्य प्रदेश में सरकार द्वारा संचालित 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। राज्य सरकार लंबे समय से मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के बड़े दावे करती रही है। लेकिन हाल ही में छिंदवाड़ा और पांढुर्ना से सामने आई दो घटनाओं ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। एक ओर जहां पांढुर्ना में समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण पुलिस को गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए आगे आना पड़ा। वहीं छिंदवाड़ा में एंबुलेंस की देरी एक युवक की मौत का कारण बन गई। इन दोनों घटनाओं ने राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पांढुर्ना में पुलिस की तत्परता से बची गर्भवती महिला की जान

पांढुर्ना के ग्राम बिछुआकलां में शनिवार रात एक संवेदनशील घटना सामने आई। नवनीत नारनवरे की सात महीने की गर्भवती पत्नी रवीना को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया लेकिन काफी देर तक कोई सहायता नहीं पहुंची। महिला की हालत बिगड़ती देख पति नवनीत ने मजबूरी में पत्नी को बाइक पर बैठाया और अस्पताल के लिए निकल पड़ा। रास्ते में भंडारगोंदी टी पॉइंट के पास ड्यूटी पर मौजूद एएसआई अशोक तुरिया और प्रधान आरक्षक गजानन मांगुलकर की नजर बाइक पर तड़पती महिला पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को समझा और अपनी सरकारी गाड़ी से महिला को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की इस तत्परता से समय रहते इलाज मिल सका और महिला की जान बच गई। इस घटना ने पुलिस की संवेदनशीलता को तो सराहा लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को भी उजागर कर दिया।

संसाधनों की कमी का हवाला, अधिकारियों ने मानी समस्या

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। पांढुर्ना के बीएमओ डॉ दीपेन्द्र सलामे ने स्वीकार किया कि क्षेत्र में एंबुलेंस की संख्या बेहद सीमित है। उन्होंने बताया कि पांढुर्ना और नांदनवाड़ी सिविल अस्पताल के बीच फिलहाल सिर्फ एक एंबुलेंस ही संचालित हो रही है। ऐसे में एक साथ कई आपात स्थितियां आने पर मरीजों को समय पर सुविधा मिल पाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने की मांग की जाएगी। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या की शिकायत की जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

छिंदवाड़ा में एंबुलेंस की देरी से गई युवक की जान

दूसरी ओर छिंदवाड़ा जिले से आई खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। चोरगांव तिराहे के पास सड़क हादसे में 18 वर्षीय राजा वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया। वह थावड़ी कला गांव का निवासी था और अपने माता पिता की इकलौती संतान था। परिवार का आरोप है कि दुर्घटना के बाद उन्होंने कई बार 108 एंबुलेंस को कॉल किया लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में परिजन निजी वाहन से उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है और उनका कहना है कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता। यह घटना एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।