MP News: बेटी के लिए कोर्ट से मिली छूट, विदेश जा सकेंगे जीतू पटवारी! लेकिन क्या छिपी है कोई सियासी चाल?

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By Sharma Published On: June 20, 2025
MP News: बेटी के लिए कोर्ट से मिली छूट, विदेश जा सकेंगे जीतू पटवारी! लेकिन क्या छिपी है कोई सियासी चाल?

MP News: मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को हाईकोर्ट से आंशिक राहत मिल गई है। जबलपुर हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी ने उन्हें पासपोर्ट रिन्यू करवाने और विदेश यात्रा करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि यह अनुमति विशेष परिस्थितियों में दी जा रही है और यह सिर्फ दो महीनों के लिए वैध रहेगी यानी 30 अगस्त तक। कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट और वीजा प्रक्रिया पूरी करने के बाद पटवारी को एक हलफनामा देना होगा कि वे कोर्ट द्वारा दी गई इस छूट का दुरुपयोग नहीं करेंगे।

बेटी के दीक्षांत समारोह में जाना है विदेश

जीतू पटवारी ने कोर्ट में अंतरिम आवेदन दायर करते हुए यह आग्रह किया था कि उनकी बेटी यूनाइटेड किंगडम (यूके) में पढ़ाई कर रही है और जल्द ही उसका दीक्षांत समारोह आयोजित होने वाला है। इसमें पिता के रूप में उनकी उपस्थिति आवश्यक है। इसी कारण उन्होंने पासपोर्ट के नवीनीकरण और विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट ने उनकी इन पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह आंशिक राहत प्रदान की है।

MP News: बेटी के लिए कोर्ट से मिली छूट, विदेश जा सकेंगे जीतू पटवारी! लेकिन क्या छिपी है कोई सियासी चाल?

जीतू पटवारी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हैं जिसके कारण उन पर कानूनी प्रक्रिया के चलते पासपोर्ट नवीनीकरण और विदेश यात्रा पर रोक लगी हुई थी। पहली एफआईआर झाबुआ जिले में एक आदिवासी नाबालिग बलात्कार पीड़िता के घर जाने के मामले में दर्ज की गई थी। आरोप है कि उस बच्ची की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर हो गई थी जिससे गोपनीयता का उल्लंघन हुआ। दूसरी एफआईआर ग्वालियर जिले के डबरा थाने में दर्ज हुई थी जिसमें उन पर पूर्व मंत्री इमरती देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। यह मामला अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था।

हाईकोर्ट में लंबित है एफआईआर रद्द करने की याचिका

इन दोनों एफआईआर को रद्द कराने के लिए जीतू पटवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। यह याचिका अभी विचाराधीन है। पटवारी की ओर से कहा गया कि जब तक कोर्ट में मामला लंबित है तब तक उन्हें पासपोर्ट रिन्यू करवाने और बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वे इस अनुमति का किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं करेंगे और विदेश यात्रा पूरी होने के बाद निर्धारित समय में वापस आ जाएंगे। कोर्ट ने इस भरोसे के आधार पर उन्हें 30 अगस्त तक के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है।

हाईकोर्ट से मिली इस राहत के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया है जबकि भाजपा खेमे से इस फैसले को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि कोर्ट ने अपने आदेश में यह साफ किया है कि यह केवल अंतरिम राहत है और इसका मतलब एफआईआर का रद्द होना नहीं है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट इन दोनों मामलों में अंतिम फैसला क्या सुनाता है।