MP News: क्रिकेट कोच निकला ठग, लोन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर गिरफ्तार

Author Picture
By Input Published On: March 17, 2026
MP News: क्रिकेट कोच निकला ठग, लोन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठगी मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी बच्चों को क्रिकेट की कोचिंग देने वाला एक प्रोफेशनल खिलाड़ी निकला, जिसने लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी बैंक और फाइनेंस कंपनियों के नाम से पोस्टर लगाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। जरूरतमंद लोग जब इन पोस्टरों के जरिए संपर्क करते थे, तो उनसे अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे वसूले जाते थे। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह दिखाया है कि किस तरह भरोसेमंद दिखने वाले लोग भी अपराध की दुनिया में शामिल हो सकते हैं।

करोड़ों की ठगी और 83 लाख की जब्ती

नरसिंहपुर एसपी ऋषिकेश मीना ने बताया कि आरोपी का नाम देवकीनन्दन कपूर उर्फ देव है, जो दिल्ली के रोहिणी जिले के बेगमपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने लोन दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये ठगे। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों की जांच कर लगभग 83 लाख रुपये की राशि जब्त की है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से 10 चेकबुक, 10 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 2 आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जो इस पूरे फर्जीवाड़े का सबूत हैं।

क्रिकेटर से ठग बनने की कहानी

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी एक पेशेवर क्रिकेट खिलाड़ी रहा है और दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से पिछले 16 वर्षों से खेलता आ रहा था। वह बच्चों को क्रिकेट की कोचिंग भी देता था। लेकिन खुद ठगी का शिकार बनने के बाद उसने अपराध की राह पकड़ ली और लोगों को ठगने का काम शुरू कर दिया। यह मामला इस बात को उजागर करता है कि आर्थिक दबाव और लालच किस तरह किसी को भी गलत रास्ते पर ले जा सकता है।

कॉल सेंटर से चलता था ठगी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार आरोपी दिल्ली में एक कॉल सेंटर के माध्यम से इस ठगी नेटवर्क को संचालित करता था। सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए पोस्टरों के जरिए लोगों को लोन का झांसा दिया जाता था। जब लोग संपर्क करते थे, तो कॉल सेंटर के टेली-कॉलर उन्हें लोन दिलाने का भरोसा दिलाते थे और फिर अलग-अलग फीस के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। आरोपी बेहद शातिर तरीके से इस नेटवर्क को चला रहा था और ठगी की रकम सीधे अपने खाते में न लेकर अन्य लोगों के खातों का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस की नजर से बच सके। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।