MP News: किसानों की जागरूकता से फूटा नकली खाद का भंडार! ट्रक सहित पकड़ी गई 92 बोरियां

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By Sharma Published On: July 29, 2025
MP News: किसानों की जागरूकता से फूटा नकली खाद का भंडार! ट्रक सहित पकड़ी गई 92 बोरियां

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पूरे राज्य में नकली खाद और उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रशासन पूरी सतर्कता से कार्रवाई कर रहा है और कहीं भी नकली या घटिया खाद मिलने पर तुरंत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस अभियान का मकसद किसानों को असली और गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना है ताकि उनकी फसल और मेहनत दोनों सुरक्षित रह सकें।

गांव बगौद में ट्रक पकड़ा गया

रायसेन जिले के बगौद गांव में कल एक ट्रक पकड़ा गया जिसमें बड़ी मात्रा में नकली खाद लदी हुई थी। यह खाद डीएपी के नाम पर बेची जा रही थी। गांव के कुछ जागरूक लोगों को खाद की गुणवत्ता पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रक की तलाशी ली। जांच में पाया गया कि ट्रक में कुल 92 बोरी खाद लदी हुई थी जो नकली और मानकों के अनुरूप नहीं थी।

MP News: किसानों की जागरूकता से फूटा नकली खाद का भंडार! ट्रक सहित पकड़ी गई 92 बोरियां

प्रशासन ने की तत्काल कार्रवाई

जैसे ही खाद की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई, अधिकारियों ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया और ट्रक को खाद सहित जब्त कर लिया। खाद के सैंपल जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजे गए। वहां से मिली रिपोर्ट में पुष्टि हो गई कि खाद सबस्टैंडर्ड यानी मानकों से काफी नीचे है। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने खाद बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

पहले भी पकड़ी जा चुकी है नकली खाद

गौरतलब है कि इससे पहले 24 जुलाई को भी इसी गांव बगौद में नकली खाद बरामद की गई थी और इस मामले में सलामतपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। अब दोबारा इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने से यह साफ हो गया है कि नकली खाद का कारोबार गांवों में धीरे-धीरे फैलता जा रहा है। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही इस गिरोह की पूरी जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों की सजगता बनी मिसाल

इस पूरे मामले में गांव बगौद के किसानों की सजगता काबिले तारीफ है। अगर वे समय रहते शक न जताते और प्रशासन को न बुलाते तो यह नकली खाद खेतों तक पहुंच जाती और फसल को भारी नुकसान होता। किसानों की सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से इस बार एक बड़ा नुकसान टल गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों पर लगाम लगेगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।