MP News: इंदौर में महंगी पोर्शे टायकन EV मिनटों में जलकर राख हुई सुरक्षा पर उठे सवाल

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By Input Published On: March 19, 2026
MP News: इंदौर में महंगी पोर्शे टायकन EV मिनटों में जलकर राख हुई सुरक्षा पर उठे सवाल

MP News: इंदौर में हाल ही में मनोज पुगालिया परिवार के आठ सदस्यों की दर्दनाक आग दुर्घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। इस चर्चा को और गंभीरता उस पुराने मामले ने दी, जब एक महंगी इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार सड़क पर चलते समय अचानक आग की लपटों में घिर गई और कुछ ही मिनटों में राख हो गई। यह वाहन कोई आम कार नहीं थी बल्कि ₹2.80 करोड़ मूल्य की इम्पोर्टेड पोर्शे टायकन थी। 13 जनवरी को हुई इस घटना में कार के अंदर लगी छोटी सी चिंगारी बड़ी आग में बदल गई और पूरे वाहन को मिनटों में नष्ट कर दिया।

चलती कार में आग और मिनटों में तबाही

कार के मालिक, संस्कार दारियानी के अनुसार, उस समय उनके पिता वाहन चला रहे थे। अचानक जलने की गंध और धुआं महसूस होने पर उन्होंने तुरंत कार को रोका और बाहर निकल आए। पास में मौजूद PCR वैन की मदद से फायर एक्सटिंगुइशर से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि पूरी कार केवल कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गई। जांच में पता चला कि यह आग वायरिंग में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। दीपक दारियानी ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह बैटरी और वायरिंग पर निर्भर करता है, इसलिए मामूली तकनीकी गड़बड़ी भी बड़ी आपदा में बदल सकती है।

भारतीय परिस्थितियों में EV की उपयुक्तता पर सवाल

इस घटना ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ और वाहन मालिक मानते हैं कि भारत में खराब सड़कें, उच्च तापमान और कभी-कभी चूहों द्वारा वायरिंग को नुकसान पहुँचाना जैसी परिस्थितियां EV के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ढीली या क्षतिग्रस्त वायरिंग, विशेषकर उच्च तापमान में, आग लगने की संभावना बढ़ा सकती है। इस तरह की घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि क्या भारतीय परिस्थितियों में इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह सुरक्षित हैं या इसके लिए और कड़े सुरक्षा मानक जरूरी हैं।

पहले की भयावह घटनाएं और सुरक्षा पर सवाल

इंदौर में आग संबंधित हादसे नए नहीं हैं। पिछले अक्टूबर में कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की एबी रोड स्थित पेंटहाउस में आग लगने से दम घुटने के कारण मृत्यु हो गई थी। फरवरी 2024 में व्यापारी जितेन्द्र गोयल के तीन मंजिला घर में आग लगी, जिसमें उनकी पत्नी अनिता की जान गई। मई 2022 में राधिका कुंज के बहुमंजिला भवन में आग लगने से सात लोग दम घुटने से मर गए, क्योंकि वहां फायर सेफ्टी का कोई इंतजाम नहीं था। इन लगातार घटनाओं ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय संदर्भ में सुरक्षित हैं या तकनीकी प्रगति के साथ कड़े सुरक्षा मानक अपनाना आवश्यक है।