MP News: जबलपुर में फर्जी नंबर प्लेट का खुलासा. चोरी की बाइक संग युवक गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

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By Input Published On: April 6, 2026
MP News: जबलपुर में फर्जी नंबर प्लेट का खुलासा. चोरी की बाइक संग युवक गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

MP News: मध्य प्रदेश के Jabalpur में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां यातायात पुलिस की सतर्कता ने एक शातिर आरोपी की पोल खोल दी। शहर में बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस लगातार सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान गढ़ा क्षेत्र में एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर पुलिस की नजर पड़ी। बाइक पर लगी नंबर प्लेट में MP 20 MX 737 अंक लिखा हुआ था लेकिन निरीक्षण के दौरान उसमें एक अंक गायब पाया गया। इसी छोटी सी गलती ने पुलिस को शक करने पर मजबूर कर दिया और जांच आगे बढ़ाई गई।

जांच में सामने आया चोरी का सच

संदिग्ध बाइक की गहन जांच के दौरान पुलिस ने वाहन के चेचिस नंबर को डेटाबेस से मिलाया। निरीक्षक Indira Thakur और उनकी टीम ने जब जानकारी खंगाली तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि यह बाइक दो साल पहले चोरी हो चुकी थी और इसकी एफआईआर रामपुर चौकी में दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत असली मालिक से संपर्क किया और पुष्टि होने के बाद मामला पूरी तरह साफ हो गया कि वाहन चोरी का है और उसे फर्जी नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल किया जा रहा था।

आरोपी की चालाकी और नाकामी

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुद को बचाने के लिए अजीब दलील दी। उसने बताया कि उसने यह बाइक किसी राजेश नाम के व्यक्ति से 20 हजार रुपये में खरीदी थी। हालांकि वह न तो उस व्यक्ति का पूरा नाम बता सका और न ही उसका पता। जब पुलिस ने उससे वाहन के कागजात मांगे तो वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। आरोपी की यह कहानी और उसके पास मौजूद सबूतों की कमी ने उसके दावों को कमजोर कर दिया और उसकी चालाकी भी पुलिस के सामने बेकार साबित हो गई।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

आरोपी अब खुद को फंसाया गया बता रहा है लेकिन चोरी की बाइक और फर्जी नंबर प्लेट उसके खिलाफ मजबूत सबूत बन गए हैं। पुलिस ने आरोपी को वाहन सहित आगे की कार्रवाई के लिए गोरखपुर थाने भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस उस व्यक्ति ‘राजेश’ की तलाश में जुट गई है जिसने कथित रूप से यह बाइक बेची थी। इस कार्रवाई में यातायात पुलिस की टीम जिसमें निरीक्षक इंदिरा ठाकुर सूबेदार मनीष पयासी और अन्य स्टाफ शामिल थे उनकी अहम भूमिका रही। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है ताकि ऐसे मामलों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।