MP News: छिंदवाड़ा में आसमान से बरपा कहर, बिजली गिरते ही मां-बेटी झुलसीं बुरी तरह

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By Input Published On: April 3, 2026
MP News: छिंदवाड़ा में आसमान से बरपा कहर, बिजली गिरते ही मां-बेटी झुलसीं बुरी तरह

MP News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अचानक बदले मौसम ने एक दर्दनाक हादसे को जन्म दे दिया। बुधवार शाम सेजवाड़ा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 55 वर्षीय पुनियाबाई और उनकी 21 वर्षीय बेटी शोभा गंभीर रूप से झुलस गईं। बताया जा रहा है कि दोनों घर के पास काम कर रही थीं, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और आसपास का इलाका दहल उठा। इस घटना ने पूरे गांव में डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

मवेशियों की मौत और घायल ग्रामीणों का इलाज जारी

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मवेशी बुरी तरह झुलस गए हैं। घटना के बाद परिजनों ने तुरंत घायलों को अमरवाड़ा अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल मां और बेटी का इलाज जारी है। वहीं पौनार इलाके में भी एक 17 वर्षीय युवती रुपा बिजली के झटके से घायल हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है और मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बेमौसम बारिश और बदला मौसम का मिजाज

छिंदवाड़ा जिले में पिछले 24 घंटों में मौसम ने अचानक करवट ली है। तेज गर्मी के बीच हुई बारिश और हल्की ओलावृष्टि ने तापमान में गिरावट ला दी है। बुधवार शाम परासिया क्षेत्र में करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई, जबकि गुरुवार सुबह जिला मुख्यालय पर हल्की बौछारें देखने को मिलीं। दिनभर बादल छाए रहने से अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंचा, जबकि न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री दर्ज किया गया। इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ खतरे भी बढ़ गए हैं।

ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की बढ़ी चिंता

मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के मौसम की संभावना जताई है। ग्रामीण मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर संत कुमार शर्मा के अनुसार शुक्रवार को अमरवाड़ा और चौरई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कई फसलें अभी खेतों और खलिहानों में रखी हैं। यदि बारिश और ओले जारी रहे, तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और किसानों दोनों के लिए यह समय सतर्क रहने का है।